
अलवर. राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के नाम पर सरकार ने पहले राशन डीलरों को पोश मशीनें थमाईं। बाद में इनकी कीमत वसूलने के बहाने डीलरों का करोड़ों रुपए डकार गई। इसके बाद भी कटौती जारी है। ज्यादातर डीलर मशीन की वास्तविक कीमत का डेढ़ से दोगुना सरकार को दे चुके हैं। अलवर शहर में 93 राशन डीलर हैं, इनमें से 31 मार्च तक ही 14 डीलरों के कमीशन में से मशीन की वास्तविक कीमत से लाखों रुपए ज्यादा की कटौती हो चुकी है। प्रदेश में यह आंकड़ा करोड़ों रुपए में है।
नहीं खुला रिपेयरिंग सेन्टर
अलवर में विभाग ने डीलरों के कमीशन से मशीनों की मेंटीनेंस के नाम पर 7 रुपए प्रति क्विंटल की दर से कटौती भी कर डाली जबकि सरकार से आदेश नहीं थे। न ही विभाग ने मशीनों की मेंटीनेंस के लिए मुख्यालय पर कोई सेन्टर खोला। मशीन खराब होने पर उसे दुरुस्त कराने का डीलरों से नगद भुगतान लिया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि जिले में डीलरों के करीब 17 माह में ही विभाग के पास लाखों रुपए पहुंच गए, जिसका रिफण्ड अब तक नहीं हुआ है।
जिसका ज्यादा उठाव, उसे ज्यादा मार
कटौती की मार उन डीलरों पर ज्यादा पड़ी, जिनका उठाव अधिक था। सरकार ने डीलरों के कमीशन से प्रति क्विंटल दस रुपए के हिसाब से कटौती करना तय किया। इसका परिणाम यह हुआ कि जिस डीलर का गेहूं का उठाव ज्यादा था, उसके कमीशन में कटौती ज्यादा हुई।
यह थी योजना
सरकार ने अप्रेल 2016 में पोश मशीन से राशन वितरण व्यवस्था शुरू की। इस दौरान डीलरों के विरोध जताने पर सरकार ने उनका कमीशन 70 रुपए से बढ़ाकर 87 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया। इस राशि में से मशीन की कीमत वसूलना भी तय किया गया। इस दौरान मशीन की कीमत 22 हजार रुपए आंककर प्रति क्विंटल 10 रुपए की दर से मशीन की कीमत की कटौती करना शुरू किया गया। अलवर में मशीन की मेंटीनेंस के नाम पर डीलरों के कमीशन से प्रति क्विंटल 7 रुपए की दर से काटे।
केस- 1
शहर में वार्ड 3 के राशन डीलर मुकेश शर्मा के कमीशन से अब तक 29 हजार 980 रुपए काटे जा चुके हैं। इन्हें मशीन की कीमत से ज्यादा विभाग में पहुंचे 7 हजार 980 रुपए अब तक नहीं मिले हैं।
केस- 2
वार्ड 11 के राशन डीलर पंकज के कमीशन से 37 हजार 472 रुपए अब तक कट चुके हैं। इन्हें भी रिफण्ड अब तक नहीं मिला।
केस- 3
वार्ड 28 के राशन डीलर राजेन्द्र गुप्ता के कमीशन से भी अब तक 32 हजार 735 रुपए कट चुके हैं। इन्हें भी रिफण्ड नहींं मिला।
जिन डीलरों के मशीन के पैसे पूरे हो गए, उनके कमीशन से कटौती बंद कर दी गई है। जिन डीलरों की विभाग के पास ज्यादा राशि पहुंच गई है, उसे विभाग के आदेश मिलने पर लौटा दिया जाएगा। मेंटीनेंस के नाम पर कटौती का मामला मुझसे पहले का होगा। इसकी जानकारी नहीं है।
रामचरण मीणा, जिला रसद अधिकारी अलवर