
अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से खराब और अधूरी सड़कों से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नेता प्रतिपक्ष एवं अलवर ग्रामीण विधायक टीकाराम जूली की ओर से लगातार उठाई गई मांग के बाद राज्य सरकार ने क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण और सुधार कार्यों के लिए 10 करोड़ 62 लाख रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्र में सड़क संपर्क मजबूत होगा और लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।
जारी आदेश के अनुसार स्वीकृत कार्यों में मिसिंग लिंक और नॉन पेचेबल श्रेणी की सड़कें शामिल हैं। इनमें कलसाडा-रतवाका, कैरवाड़ा से कलसाड़ा, माले खां की ढाणी से जगताबसई, भड़कोल हाईवे से सुभाष जांगिड के घर तक, पूनखर-खेड़ली पिचनोत, बरखेड़ा से जाट श्मशान घाट होते हुए पहाड़ी, रायबका-ककराली, भजीट-एमआईए, बुर्जा-मेडी बास, पूनखर-अचलपुरी, बख्तपुरा बावड़ी-सिरावास, डहरा चूहड़सिद्ध, अलवर-बहरोड़ सड़क से टोडियार, खेड़ली सैयद-ककराली जाट, नंगला जोगी, सालपुर, गांधी विद्यालय से पहाड़ी बास सिरमोली सहित कई अन्य संपर्क मार्गों का निर्माण और सुधार किया जाएगा।
इसके अलावा रामगढ़ सड़क से कैमाला, घेघोली, भुआका, मेवात आवासीय विद्यालय चांदोली, लीली, एमआईए-डुमेडा, चांद पहाड़ी-जोहरा का बड़, कोठीबास, महाराजपुरा, चांदोली, मिर्जापुर-हल्दीना, मूंडिया स्कूल-लीली, हल्दीना-निठारी, माधोगढ़, पृथ्वीपुरा-श्यामपुरा, नांदनहेड़ी, दलालपुर, महुआखुर्द, कैरवाजाट-रामदेव मंदिर हल्दीना और चिकानी से पहाड़ की ओर जाने वाली सड़कों को भी मंजूरी मिली है।
इन सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से अलवर ग्रामीण के दर्जनों गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी, विद्यार्थियों का स्कूल और कॉलेज तक सफर सुगम बनेगा, जबकि मरीजों को अस्पताल पहुंचने में कम समय लगेगा। बरसात के दौरान कीचड़ और जर्जर सड़कों की समस्या से भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि वर्षों से खराब सड़कों के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती थी। अब सड़क निर्माण होने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी कहा कि उन्होंने विधानसभा में लगातार अलवर ग्रामीण की जर्जर सड़कों का मुद्दा उठाया था। सरकार की ओर से वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद अब इन कार्यों को जल्द धरातल पर उतारने की उम्मीद है।