
Alwar GST Officer Robbery: अलवर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। सदर थाना क्षेत्र की पॉश शालीमार सोसायटी में जीएसटी (GST) विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश के घर हुई सनसनीखेज लूट की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को दबोच लिया है। पुलिस रविवार को पकड़े गए आरोपियों को वारदात वाली जगह लेकर पहुंची और सीन रीक्रिएट (मौका तस्दीक) कराया।
अलवर के पुलिस अधीक्षक (SP) सुधीर चौधरी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह एक बेहद चुनौतीपूर्ण केस था। बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस की स्पेशल टीमों ने दिन-रात एक कर दिया और इलाके के करीब 600 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। आखिरकार साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस टीम आरोपियों के गिरेबान तक पहुंच ही गई।
पूछताछ में सामने आया है कि बदमाशों ने इस बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर दिमाग का इस्तेमाल किया था। आरोपियों ने कई दिनों तक असिस्टेंट कमिश्नर के घर और उसके आसपास की रेकी की थी। उन्हें पता था कि घर के लोग कब आते-जाते हैं। पूरी गतिविधियों पर नजर रखने के बाद जैसे ही उन्हें मौका मिला, वे घर में घुस गए और लूटपाट कर फरार हो गए। पुलिस को गुमराह करने के लिए बदमाशों ने पूरी प्लानिंग की थी।
वारदात के दौरान और भागते समय उन्होंने पांच से छह बार अपने कपड़े बदले ताकि सीसीटीवी में उनकी पहचान न हो सके। सबसे बड़ी बात यह कि पकड़े जाने के डर से बदमाशों ने घटना के दौरान किसी भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस न हो पाए। वारदात को अंजाम देने के बाद वे काफी दूर तक पैदल चले और फिर भागने के लिए सार्वजनिक बसों व ऑटो का इस्तेमाल किया।
पकड़े गए आरोपी रामगढ़ और खैरथल-तिजारा इलाके के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि ये कोई नौसिखिए नहीं बल्कि पुराने क्रिमिनल हैं। इन सभी के खिलाफ पहले से ही लूट, डकैती और हत्या जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं और ये जेल भी जा चुके हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि बदमाशों ने लूट की रकम से एक नई मोटरसाइकिल भी खरीद ली थी। पुलिस अब लूटी गई रकम और जेवरात की बरामदगी की कोशिश कर रही है। साथ ही फरार पांचवें आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।