
अलवर के सदर थाना इलाके में शनिवार तड़के एक ऐसी वारदात हुई जिसने पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बदमाशों ने बेखौफ होकर जीएसटी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश के घर को निशाना बनाया। सुबह करीब 6 बजे तीन नकाबपोश बदमाश हथियारों के साथ उनके घर में दाखिल हुए। इसके बाद बदमाशों ने करीब डेढ़ घंटे तक असिस्टेंट कमिश्नर, उनकी पत्नी उर्मिला और 13 साल के बेटे प्रिंस को कट्टे के बल पर बंधक बनाए रखा।
लूटपाट का विरोध करने पर बदमाशों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने 13 साल के मासूम प्रिंस के सिर पर बैट (बल्ले) से हमला कर दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गया। इतना ही नहीं, बदमाशों ने परिवार के साथ मारपीट की और महिला को दुष्कर्म करने की धमकी देकर डराया। गनीमत रही कि इस मंजर के दौरान घर में सो रही 8 साल की मासूम बेटी नव्या की आंख नहीं खुली और वह सुरक्षित रही।
बदमाशों ने पूरे घर को खंगाला और अलमारी में रखे करीब 20 तोला सोने-चांदी के कीमती जेवर और 30 से 40 हजार रुपये की नकदी समेट ली। जाते-जाते बदमाशों ने असिस्टेंट कमिश्नर की पत्नी के कानों के कुंडल और पैरों में पहनी चांदी की पायल भी जबरन उतरवा ली।
यह पूरी वारदात सुबह 6 बजे से सवा 7 बजे के बीच की है। इसी बीच बच्चों को लेने के लिए स्कूल की बस घर के बाहर पहुंची। बदमाशों के हौसले इतने बुलंद थे कि उनमें से एक बदमाश बिना डरे बाहर गया और बस ड्राइवर से कह दिया कि आज बच्चे स्कूल नहीं जाएंगे, जिसके बाद बस वहां से चली गई।
बदमाशों के जाने के बाद पीड़ित परिवार ने जैसे-तैसे खुद को बंधनों से मुक्त किया और तुरंत पड़ोसियों व पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बदमाश रात के समय पड़ोस में मौजूद एक खाली मकान के रास्ते छत पर चढ़े थे। इसके बाद सुबह जैसे ही घर का मुख्य गेट खुला, वे अंदर घुस गए। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और नाकाबंदी कर बदमाशों की तलाश में जुट गई है।