
अलवर शहर के हसन खां डबल फाटक के पास स्थित शालीमार नगर में बीते शनिवार को स्टेट जीएसटी के सहायक आयुक्त ओमप्रकाश मेघवाल के घर पर बदमाशों ने खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आज सोमवार को मंत्री संजय शर्मा खुद पीड़ित अधिकारी के घर पहुंचे।
उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली। मंत्री ने मौके से ही पुलिस के आला अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस से अपराधियों को तुरंत ढूंढ निकालने और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बता दें तीन नकाबपोश बदमाशों ने सहायक आयुक्त ओमप्रकाश, उनकी पत्नी उर्मिला और बच्चों पर सीधे देसी कट्टा तान दिया और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद लुटेरों ने पूरे परिवार को करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाकर रखा और घर में जमकर लूटपाट की। बदमाश घर से करीब 15 तोला सोना, चांदी के सिक्के और 35 हजार रुपये कैश समेटकर रफूचक्कर हो गए।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की कई टीमें जांच में जुटी हुई हैं और अब पुलिस के हाथ कुछ बेहद अहम सुराग लगे हैं। आस-पास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने के बाद यह साफ हो गया है कि बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने से पहले इस घर और पूरे इलाके की अच्छी तरह से रेकी की थी। पुलिस का मानना है कि बदमाश इस क्षेत्र के रास्तों से बहुत अच्छी तरह वाकिफ थे। इसके अलावा, बातचीत के दौरान बदमाशों की ओर से इस्तेमाल की गई भाषा के आधार पर पुलिस को शक है कि इस गैंग का हरियाणा से गहरा कनेक्शन हो सकता है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद से ही अपराधी पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं और इधर-उधर घूम रहे हैं। पुलिस अब कड़ियों को जोड़ने का काम कर रही है। हालांकि, तफ्तीश के मद्देनजर पुलिस अभी मीडिया के सामने ज्यादा कुछ बोलने से बच रही है, लेकिन अधिकारियों का दावा है कि बदमाशों का हुलिया लगभग साफ हो चुका है और वे बहुत जल्द सलाखों के पीछे होंगे।