
राजस्थान के अलवर जिले की अखैपुरा थाना पुलिस को आईपीएल क्रिकेट मैचों पर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टा खेले जाने की गुप्त सूचना मिली थी। इस जानकारी के आधार पर जब पुलिस टीम ने सट्टेबाजों के ठिकाने पर अचानक दबिश दी, तो वहां हड़कंप मच गया।
पुलिस को देखते ही आरोपी घबरा गए और पकड़े जाने के डर से सट्टे के सामान, मोबाइल और लैपटॉप को मौके पर ही छोड़कर मकान की छत से नीचे कूद गए। इसके बाद वे संकरी गलियों का फायदा उठाकर वहां से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने तुरंत मौके से सट्टेबाजी में इस्तेमाल हो रहे सभी उपकरण जब्त कर लिए और आरोपियों की तलाश में जुट गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सुधीर चौधरी के निर्देश पर पुलिस टीम ने संदिग्धों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आखिरकार मुख्य संदिग्ध मुकुल उर्फ मोंटू को हिरासत में ले लिया। जब पुलिस ने आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की और मौके से बरामद किए गए मोबाइल व लैपटॉप को साइबर एक्सपर्ट की मदद से अनलॉक किया, तो पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।
लैपटॉप के डेटा की जांच करने पर उसमें आईपीएल की मशहूर टीमों चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच हुए मैचों पर हजारों रुपये के ऑनलाइन सट्टे का लाइव रिकॉर्ड मिला। इसके साथ ही लैपटॉप के अंदर कुल 1 लाख 12 हजार 854 रुपये के ऑनलाइन सट्टे के लेन-देन और संचालन का पूरा हिसाब-किताब पाया गया।
अखैपुरा थाना पुलिस ने पूरी जांच और पुख्ता सबूत मिलने के बाद ऑनलाइन सट्टा रैकेट चलाने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में पहला मुकुल उर्फ मोंटू (28 वर्ष) है, जो अखैपुरा थाना क्षेत्र के रंगभरीयान की गली का रहने वाला है।
वहीं दूसरा आरोपी प्रवीण (24 वर्ष) है, जो मूल रूप से लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के बीच गांव का निवासी है और वर्तमान में अलवर शहर में जगन्नाथ मंदिर के पीछे किराए का कमरा लेकर रह रहा था। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस सट्टा नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इसमें कौन-से बड़े सटोरी शामिल हैं।