अलवर

गरीब के नाम पर जमीन लेकर बड़े लोगों ने किया यह खेल, सेवा के नाम पर करोड़ो की कमाई

यूआईटी से करीब 133 संस्था, विभाग व संगठनों ने जमीन ली है जिसमें से करीब एक दर्जन से अधिक जगह पर हो रहा पैसा कमाने का काम

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Jul 11, 2018
Alwar :Land case at concessional rates
गरीब के नाम पर जमीन लेकर बड़े लोगों ने किया यह खेल, सेवा के नाम पर करोड़ो की कमाई

अलवर. शहर में गरीबों को सहायत या इलाज देने के नाम पर यूआईटी से रियायती व आरक्षित दरों पर जमीन लेकर लोग बड़ा खेल कर रहे हैं। रियायती दरों पर ली जगहों पर कहीं दुकानें चल रही हैं तो कहीं रिहायशी व व्यावसायिक भवन बन गए। ऐसे में गरीब के नाम पर खुद की जेबें भरने का काम हो रहा है। आश्चर्य की बात तो यह है कि यूआईटी की ओर से मौके की जांच करने के बावजूद कार्रवाई नहीं
की गई है।

संस्थाओं को आवंटित जमीनों की जांच जरूरी

यूआईटी की जिम्मेदारी है कि जिन संस्थाओं को रियायती या आरक्षित दर पर जमीनों का आवंटन किया है और जिस उद्देश्य से जमीन ली गई उससे अलग काम हो रहा है तो उसकी निष्पक्ष जांच हो। जांच रिपोर्ट के बाद सम्बंधित संस्थाओं को नोटिस देकर आगे आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। अफसोस की बात है कि यूआईटी ने एक भी संस्था की जमीन का आवंटन निरस्त नहीं किया है।

नर्सिंग होम की जमीन पर भवन

शहर में संस्थाओं ने नर्सिंग होम के नाम से जमीन ली। आरक्षित दर 100 रुपए प्रति वर्गमीटर से भी कम दामों में खरीदी। अब उस जमीन पर बड़े भवन बन गए हैं। कुछ ने जमीन का भू रूपान्तरण भी करा लिया। कुछ दूसरे भी जमीन को उपयोग बदलवाने के फेर में हैं जिससे आरक्षित दरों पर आवंटित जमीन का दुरुपयोग हो रहा है। गेस्टहाउस कम रेस्टोरेंट के लिए ली जमीन पर शुद्ध व्यावसायिक होटल चल रहा है। संगठन के कार्यालय के नाम पर ली जमीन पर कबाड़ की दुकान चल रही है। कईयों ने भूखण्ड को दो भागों में बांट लिया। एक में आवास है दूसरे में दिखावे का नियमानुसार काम। औषद्यालय के नाम पर ली गई जमीनों पर दुकानें बना दी गई। इस तरह सस्ती दरों पर ली जमीनों में बड़े खेल हो रहे हैं।

50 रुपए प्रतिवर्गमीटर ली, अब करोड़ों की

इन लोगों ने 50 रुपए प्रति वर्ग मीटर से भी कम दामों पर जमीनें ली। अब उनके भाव करोड़ों रुपए हो गए जिसके कारण सब अपने अपने हिसाब से जमीन का दुरुपयोग कर रहे हैं। कार्रवाई कुछ नहीं हो रही। जांच रिपोर्ट में भी तथ्य छिपाए हुए हैं

हमने सर्वे करा लिया है। कुछ ने अभी निर्माण नहीं किया है। जिनका दूसरा उपयोग है। वे भी चिह्नित हुए हैं। नोटिस जारी कर कार्रवाई करने की तैयारी है।
कान्हाराम, सचिव, यूआईटी अलवर

Published on:
11 Jul 2018 09:52 am