
हॉस्पिटल में नवजात की स्वास्थ्य जांच की गई (फोटो - पत्रिका)
राजस्थान के भिवाड़ी में एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां किसी ने एक नवजात बालिका को स्कूल बैग में बंद कर कचरे के ढेर में फेंक दिया। अगर समय रहते एक राहगीर की नजर बैग पर नहीं पड़ती तो मासूम की जान भी जा सकती थी। घटना के बाद इलाके में लोगों में आक्रोश है और हर कोई इस अमानवीय हरकत की निंदा कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति सुबह ड्यूटी पर जा रहा था। रास्ते में उसकी नजर कचरे के ढेर में पड़े एक स्कूल बैग पर पड़ी। बैग के अंदर कुछ हलचल होती दिखाई दी तो उसे शक हुआ। उसने तुरंत बैग खोलकर देखा तो अंदर एक नवजात बच्ची रो रही थी। यह दृश्य देखकर वह हैरान रह गया। उसने बिना देर किए बच्ची को बाहर निकाला, पुलिस को सूचना दी और तुरंत जिला अस्पताल भिवाड़ी लेकर पहुंचा।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्ची की जांच कर प्राथमिक उपचार दिया। अस्पताल प्रभारी डॉ. सागर अरोड़ा ने बताया कि बच्ची पूरी तरह नवजात प्रतीत होती है। जांच के बाद उसकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य पाई गई है। फिलहाल बच्ची को चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है और उसकी देखभाल की जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आसपास के इलाके का निरीक्षण किया और जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नवजात को वहां कौन छोड़कर गया। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि बच्ची को जन्म के कुछ समय बाद ही स्कूल बैग में बंद कर कचरे के ढेर में छोड़ दिया गया था। पुलिस अब उस महिला और उसके परिजनों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने यह अमानवीय कदम उठाया।
बच्ची के सुरक्षित मिलने के बाद राहत जरूर है, लेकिन इस घटना ने समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर राहगीर समय पर बैग नहीं खोलता तो मासूम की जान जा सकती थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और दोषियों की तलाश जारी है।
Updated on:
04 Aug 2026 02:38 pm
Published on:
04 Aug 2026 02:38 pm
