
प्रदेश में कांग्रेस की भले ही सरकार नहीं बन पाई हो, लेकिन अलवर जिले के कांग्रेस नेताओं का प्रदेश में कद बढ़ने की उम्मीद है। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता विधायक चुने गए हैं, उन्हें विधानसभा या संगठन में महत्वपूर्व जिम्मेदारी दिए जाने की उम्मीद है।
देश व प्रदेश की कांग्रेस राजनीति में अलवर को पहले से ही तव्वजो मिलती रही है। कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति में अलवर से जितेन्द्र सिंह पहले ही राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं पूर्व में जुबेर खां भी राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वहीं प्रदेश की राजनीति में भी अलवर का दबदबा रह चुका है।
जुबेर व जूली को संगठन व विधानसभा में मिल सकती है जिम्मेदारी
अलवर जिले के रामगढ़ से विधायक चुने गए कांग्रेस नेता जुबेर खां कई बार विधायक रह चुके हैं, पिछली सरकार में उन्हें मेवात विकास बोर्ड के चेयरमैन का भी जिम्मा सौंपा गया था। इसके अलावा भी वे प्रदेश में पार्टी में कई जिम्मेदारी निभा चुके हैं। साथ ही कांग्रेस में अल्पसंख्यक वर्ग के बड़े नेताओं में उन्हें गिना जाता है। इस बार भी उन्हें संगठन या विधानसभा में पार्टी की ओर से खास जिम्मेदारी सौंपी जाने की उम्मीद है। वहीं पूर्व मंत्री रहे टीकाराम जूली भी तीसरी बार विधानसभा के लिए चुने गए हैं। वे प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के बड़े ोनेताओं में शामिल रहे हैं। अनुसूचित जाति वर्ग के मंत्री रहे नेताओं में केवल जूली ही इस बार जीत पाए हैं। ऐसे में उन्हें भी संगठन या विधानसभा में विशेष जिम्मेदारी सौंपी जाने की उम्मीद है।
कांग्रेस संगठन में भी बदलाव की चर्चा
प्रदेश स्तर पर कांग्रेस संगठन में बदलाव की चर्चा है, ऐसे में अलवर के प्रमुख नेताओं को जातीय समीकरण साध ते हुुए फिट किया जा सकता है।