अलवर शहर के अंबेडकर नगर में बनने वाले कन्वेंशन सेंटर को मॉल कल्चर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने इस सेंटर की डीपीआर बनाने के लिए 75 लाख रुपए की स्वीकृति दे दी है।
अलवर शहर के अंबेडकर नगर में बनने वाले कन्वेंशन सेंटर को मॉल कल्चर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने इस सेंटर की डीपीआर बनाने के लिए 75 लाख रुपए की स्वीकृति दे दी है। जिसके बाद यूआइटी ने डीपीआर बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। यूआइटी इस प्रोजेक्ट को अर्बन बैलेंस फंड स्कीम में लाना चाहती है, जिससे की यह जल्द धरातल पर आ सके।
शहर में एक आधुनिक नया बाजार विकसित करने के लिए उद्देश्य से कन्वेंशन सेंटर बनाने का प्रस्ताव यूआइटी की ओर से तैयार किया गया था, जिसे प्रदेश सरकार के जरिए केंद्र सरकार को भेजा गया था। वह 152 करोड़ का प्रस्ताव था। इस प्रस्ताव को और बेहतर करने के लिए 5 करोड़ रुपए डीपीआर के लिए स्वीकृति मांगी गई थी, लेकिन केंद्र सरकार से नहीं आई। कन्वेंशन सेंटर की अलवर में जरूरत को देखते हुए यूआइटी ने फिर एक पत्र प्रदेश सरकार को लिखा और कहा कि इस सेंटर की डीपीआर बनाने के लिए 75 लाख की स्वीकृति दी जाए, जिस पर सरकार ने मुहर लगा दी है। अब डीपीआर के लिए टेंडर आदि की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
पहले अंबेडकर नगर में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर 8 मंजिला सेंटर के लिए प्रस्ताव तैयार किया था। यहां थिएटर से लेकर शोरूम, फूड कोर्ट, क्लब हाउस, थीम पार्क समेत कई सुविधाएं मिलनी थीं। ऑडिटोरियम के साथ ही डबल बेसमेंट पार्किंग होगी, जिसमें 584 वाहन पार्क किए जा सकते थे। इसके लिए 12800 स्क्वायर मीटर एरिया आरक्षित होना था।
अर्बन बैलेंस फंड स्कीम किसी भी प्रोजेक्ट को धरातल पर लाने के लिए बजट का निर्धारण करती है। इस योजना के तहत प्रोजेक्ट के लिए 50 फीसदी रकम बाजार से लेनी होती है। साथ ही, 25 प्रतिशत राज्य सरकार या यूआइटी अपने स्तर से वहन करती है और 25 प्रतिशत ही राशि केंद्र सरकार देती है। इससे राशि डिवाइड होने से किसी पर भार नहीं आएगा और प्रोजेक्ट जल्द धरातल पर आ जाएगा।
कन्वेंशन सेंटर की डीपीआर बनाने के लिए प्रदेश सरकार से 75 लाख रुपए की स्वीकृति मिल गई है। इसे अर्बन बैलेंस फंड के जरिए भी जोड़ने की योजना है - स्नेहल नाना, सचिव, यूआइटी