
अलवर. मॉब लिंचिंग, पुलिस कस्टडी में मौत और गो-तस्करी के मामले में अब राजनीति ने गति पकड़ ली है। शुक्रवार को सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष के.एम.फैजी के साथ एक प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के कोलगांव पहुंचकर मामले में मारे गए रकबर के परिजनों से मुलाकात की। एसडीपीआई पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़ी पार्टी है।
केरल से आए फैजी ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर आरोप भी जड़े। फैजी का कहना है कि देश भर में यह अक्लियतों पर खौफ फैलाने की रणनीति के तहत किया गया एक और अपराध है। लगातार हो रही गो-तस्करी के सवाल को टालते हुए फैजी का कहना है कि यह सब ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है। सभी परिवार गो-पालन कर अपना गुजारा कर रहे हैं।
यह मॉब लिंचिंग से ध्यान भटकाने के लिए
फैजी का आरोप है कि मॉब लिंचिंग से ध्यान भटकाने के लिए हिरासत में मौत का मामला बनाया गया है। यह सोची समझी साजिश थी। उनका कहना है कि सरकार की शह से ही मॉब लिंचिंग हो रही है। गांव में परिजनों से मिलने के बाद वे देश के प्रमुख राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों से मिलकर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे
फैजी ने कहा कि पीडि़त परिवार को वे नि:शुल्क विधिक सहायता देंगे। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट तक भी लड़ेंगे। इस मामले में वे मॉब लिंचिंग के आधार पर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। सभी आरोपियों पर कार्रवाई होने तक यह लड़ाई जारी रखेंगे।
8 लाख की मदद
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुवार को रकबर के परिजनों को पांच लाख रुपए तथा हरियाणा वक्फ बोर्ड ने तीन लाख रुपए की सहायता राशि देने का ऐलान किया है।