मोती डूंगरी अलवर की पहचान है, लेकिन अब इसे युवा नशे का अड्डा बना रहे हैं, जिससे यहां आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है
अलवर. शहर के बीचोबीच स्थित मोती डूंगरी पर इन दिनों युवाओं के झुंड के बीच न सोशल डिस्टेंसिंग और ना ही मास्क लगाने की गाइडलाइन की पालना होती है। यहां हर दिन शाम के समय बड़ी संख्या में युवा कार व मोटरसाइकिल से पहुंचते हैं। बकायदा वहां पर पुरानी दीवारों के ऊपर बैठकर सिगरेट व पेय पदार्थ पीते हैं। कोरोना महामारी के दौर में अधिकतर बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के नजर आते हैं। यहां बड़ी संख्या में महिलाएं व युवतियां भी आती हैं। जिनको ऐसे युवाओं से काफी परेशानी भी होती है। जो जगह-जगह पर सिगरेट के धुआं छोड़ते रहते हैं। आए दिन कई तरह की अभद्रता करने की शिकायतें भी सामने आती हैं। इन दिनों यहां आस-पास ऐसे मनचलों की संख्या बढ़ी है।
संकट मोचन हनुमान मंदिर आते हैं श्रद्धालु
मोती डूंगरी पर संकट मोचन हनुमान मंदिर है।यहां नियमित रूप से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी आते हैं। सप्ताह में 3 दिन अधिक संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस कारण जगह जगह युवाओं के झुंड खड़े होने से महिलाएं असहज महसूस करती हैं। पिछले दिनों अरावली विहार थाना पुलिस को शिकायत भी की गई थी। लेकिन इसके बावजूद भी कोई विशेष कार्रवाई नहीं की गई।
कुछ तो यहां आकर नशा भी करते हैं
यहां नियमित रूप से आने वाले लोगों ने बताया कि काफी युवा यहां आकर नशा भी करते हैं। जो अलग-अलग जगहों पर झुंड के रूप में बैठ जाते हैं। कुछ सिगरेट पीते हैं तो कुछ शराब का नशा भी करते हैं। जिसके कारण यहां का माहौल भी बिगड़ने लगा है।
पुलिस की गश्त रहती है
मोती डूंगरी इलाके में नियमित रूप से पुलिस गश्त करती रहती है और जो भी संदिग्ध लोग वहां मिलते उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है। यदि वहां संदिग्ध लोगों का जमावड़ा लग रहा है तो पुलिस और सख्ती से कार्रवाई करेगी।
- जहीर अब्बास, थानाधिकारी, अरावली विहार अलवर।