
अलवर नगर निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का सोमवार को अंतिम दिन है। ऐसे में सुबह से ही मिनी सचिवालय में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। नामांकन प्रक्रिया को लेकर प्रशासन और पुलिस ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे, जिसके चलते दिनभर भारी भीड़ रहने की संभावना है।
अलवर मिनी सचिवालय में बनाए गए सभी नामांकन केंद्रों पर सुबह से लोगों की आवाजाही तेज रही। खासकर नामांकन केंद्र संख्या 14 से 26 तक सबसे अधिक भीड़ देखी गई। सुबह करीब 11:30 बजे तक 50 से अधिक दावेदार लाइन में लगे हुए थे। सुबह 11 बजे तक प्रमुख राजनीतिक दलों के कई दावेदार नामांकन केंद्र पर नहीं पहुंचे थे, जबकि बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ पहुंच रहे थे।
मिनी सचिवालय के बाहर भी भीड़ बढ़ने के कारण पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी है। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ मार्गों पर ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। पुलिस बल की तैनाती के साथ नामांकन केंद्रों पर आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है।
इधर, नगर निगम के 65 वार्डों के पार्षद चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भाजपा में बगावत शुरू हो गई है। शहर के चार में से दो मंडल अध्यक्ष अपनी पूरी कार्यकारिणी के साथ इस्तीफा दे चुके हैं। दोनों मंडल शहर के 33 वार्डों को कवर करते हैं, जिससे चुनाव से पहले भाजपा की अंदरूनी राजनीति गरमा गई है।
श्री विवेकानंद मंडल अध्यक्ष जितेंद्र सिंह राठौड़ समेत 15 पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट वितरण में स्थानीय संगठन की राय को नजरअंदाज किया गया। वहीं, श्री केशव मंडल अध्यक्ष महेश निहलानी समेत आठ पदाधिकारियों ने भी इस्तीफा भेजा है। उन्होंने भी टिकट वितरण प्रक्रिया पर नाराजगी जताई है।
भाजपा और कांग्रेस ने आधिकारिक सूची सार्वजनिक करने के बजाय अपने चुनिंदा दावेदारों को फोन पर सूचना दी है। ऐसे में सोमवार को दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के साथ-साथ नाराज और बागी नेताओं के भी नामांकन दाखिल करने की संभावना है। पार्टी नेता निर्वाचन अधिकारी को अधिकृत चुनाव चिन्ह सौंपेंगे। नामांकन के अंतिम दिन अलवर की राजनीतिक गतिविधियां और तेज रहने की संभावना है।