31 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘शुक्र है हम लौट आए…’ नेपाल की तबाही से बाल-बाल बचे अलवर के ममता और कपिल, बोले- भगवान ने हमारी जिंदगी बचा ली

Kailash Mansarovar Yatra:कैलाश मानसरोवर यात्रा बीच में रुकने के बाद अलवर का दंपती सुरक्षित घर लौट आया। उनके लौटते ही नेपाल के रसुवा में भीषण बाढ़ आ गई, जिससे वे बाल-बाल बच गए।
2 min read
Google source verification

अलवर

image

Harshita Saini

Aug 31, 2026

alwar couple safe from nepal flood

नेपाल में आई बाढ़ से बचे ममता और कपिल (Photo- Patrika)

अलवर. कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकले अलवर के दंपती को भोलेनाथ के दर्शन तो नहीं हो पाए, लेकिन जब वे अलवर लौटे तो दो दिन बाद ही नेपाल में तबाही मच गई। उन्होंने धन्यवाद दिया कि भगवान ने हमारी जान बचा ली। हसन खां मेवात नगर निवासी ममता और कपिल 18 अगस्त को अलवर से दिल्ली रवाना हुए थे। दिल्ली से फ्लाइट के जरिए वे नेपाल पहुंचे। उनके साथ करीब 37 यात्री थे। जिसमें एनआरआई भी शामिल थे। काठमांडू में पशुपतिनाथ के दर्शन किए और इसके बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आगे बढ़े। यात्रा की पूरी तैयारी थी। चीन ने भीड़ को देखते हुए उन्हें आगे जाने से रोक दिया। अगले सप्ताह 5 सितंबर तक यात्रा फिर से शुरू होने की बात कही। ऐसे में ममता और कपिल ने वहां रुकने के बजाय वापस लौटने का फैसला किया।

नेपाल से हुए वापस रवाना

वे नेपाल के पोखरा में भी रुके और फिर वहां से वापस रवाना हो गए। जिस समय वे नेपाल से निकलकर अपने घर की तरफ लौट रहे थे, तब नेपाल के रसुवा जिले में भीषण बाढ़ ने तबाही मचा दी। यह दंपती अब नेपाल में तबाही की तस्वीरें देखकर यही कह रहा है कि अगर हम नहीं लौटते, तो शायद इस आपदा में फंसे होते। ममता ने कहा कि परिवार वाले भगवान को इस बात का शुक्रिया कर रहे हैं कि हम वहां से लौट आए। दर्शन नहीं कर पाए, इसका मलाल जरूर है, लेकिन आज लगता है कि भगवान ने हमारी जिंदगी बचा ली।

पत्नी को हुई बेचैनी, पति ने कहा- सब अच्छा होगा

कपिल खंडेलवाल ने बताया कि नेपाल से लौटते समय पत्नी ममता को मन में कुछ बेचैनी और घबराहट महसूस हो रही थी। उन्होंने पत्नी को समझाया कि सब अच्छा होगा और दोनों आगे बढ़ गए। आज पीछे मुड़कर देखते हैं, तो लगता है कि भगवान ने हमें बीच रास्ते से ही लौटा दिया। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर को सभी तीर्थों में प्रमुख माना जाता है और वहां जाना हर किसी के भाग्य में नहीं होता। मैं पहले दर्शन कर चुका हूं। इस बार बीच रास्ते से भगवान ने हमें लौटा दिया। यह सब ईश्वर की माया है, वरना आज हम भी नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा में फंसे होते।