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Alwar: निगम चुनाव में ‘परिवार की सियासत’ तेज, पत्नी-बहन और रिश्तेदार मैदान में

अलवर नगर निगम चुनाव में नामांकन शुरू होते ही सियासी समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं। वार्ड आरक्षण और महिला के लिए आरक्षित मेयर सीट के चलते कई पूर्व व निवर्तमान पार्षदों ने अपनी चुनावी रणनीति बदली है। पत्नी, बहन, पुत्रवधू और अन्य रिश्तेदारों को चुनाव मैदान में उतारकर परिवारों ने राजनीतिक दांव चलना शुरू कर दिया है।
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alwar nagar nigam election

representative picture (patrika)

अलवर नगर निगम चुनाव में नामांकन के साथ ही सियासी तस्वीर तेजी से साफ होने लगी है। वार्ड आरक्षण के कारण बदले समीकरण के चलते कई पूर्व और निवर्तमान पार्षदों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। किसी ने पत्नी, बहन, पुत्रवधू और किसी ने नजदीकी रिश्तेदारों को चुनाव मैदान में उतारा है। इस बार चुनावी मैदान में सिर्फ पार्टी और प्रत्याशियों की ताकत ही नहीं, बल्कि परिवार की राजनीतिक पकड़ और रिश्तों का समीकरण भी खासा नजर आ रहा है।

मेयर सीट अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व

कुछ पूर्व और निवर्तमान पार्षदों ने खुद के साथ-साथ अपनी पत्नी, बहन और अन्य परिजनों को चुनावी मैदान में उतारकर सियासी रणनीति को नया रंग दिया है। हालांकि इसका एक कारण यह भी है कि मेयर सीट अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व है। ऐसे में परिवार की महिलाओं को मैदान में उतारा जा रहा है। किसी ने कांग्रेस, तो किसी ने भाजपा से टिकट की दावेदारी की है। हालांकि अभी राजनीतिक दलों ने टिकट फाइनल नहीं किए हैं।


परिवार की सियासत

इस बार अलवर निकाय चुनाव में ‘परिवार की सियासत’ भी बड़ा चुनावी फैक्टर बनने जा रही है। कहीं पति-पत्नी आमने-सामने की बजाय अलग-अलग वार्डों में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, तो कहीं वार्ड आरक्षण ने नेताओं को पत्नी या बहन के सहारे चुनावी मैदान में उतरने का मौका दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि परिवार के नाम और राजनीतिक अनुभव का यह दांव मतदाताओं के बीच कितना असर छोड़ता है और किन परिवारों की सियासी पकड़ चुनाव परिणाम में कायम रहती है।

  • पार्षद अजय पूनिया ने वार्ड 49 से नामांकन दाखिल किया है। अपनी बहन बिमला देवी को वार्ड 17 से चुनावी मैदान में उतारा है। अजय पूनिया तीन बार निर्दलीय व एक बार भाजपा के टिकट से पार्षद बने हैं। इस बार भी बहन-भाई ने भाजपा से टिकट मांगा है।
  • कांग्रेस के शहर ब्लॉक अध्यक्ष रमन सैनी ने अपनी पत्नी और निवर्तमान पार्षद पिंकी सैनी का वार्ड 27 से कांग्रेस के टिकट पर नामांकन दाखिल किया है। पिंकी के सामने अपनी पुरानी राजनीतिक जमीन बचाने की चुनौती होगी।
  • पूर्व पार्षद धर्मेंद्र मीणा ने पत्नी शकुंतला मीणा को चुनावी मैदान में उतारा है। शकुंतला मीणा वार्ड 25 से चुनाव लड़ रही हैं। पिछले चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सकीं। इस बार उन्होंने कांग्रेस से टिकट की मांग की है।
  • पूर्व पार्षद सीताराम चौधरी और निवर्तमान पार्षद सुमन चौधरी भी अलग-अलग वार्डों से चुनावी मैदान में हैं। दोनों पति-पत्नी हैं। सीताराम चौधरी ने वार्ड 28, जबकि सुमन चौधरी ने वार्ड 23 से नामांकन कराया है। दोनों ने ही भाजपा से टिकट मांगा है।
  • निवर्तमान पार्षद एवं भाजपा के श्री शिवाजी मंडल अध्यक्ष सतीश यादव का वार्ड 61 इस बार महिला के लिए आरक्षित हो गया। उन्होंने पत्नी सुनीता यादव का भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन कराया है।