31 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Alwar: एक ही प्लॉट 8 लोगों को बेच डाला, खुद ने भी उठा लिया बैंक से लोन; ऐसे सामने आया मामला

अलवर शहर में एक प्लॉट को आठ लोगों को बेचने का मामला सामने आया है। यही नहीं आरोपी ने खुद इस प्लॉट पर लोन भी उठा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
2 min read
Google source verification

अलवर

image

Anil Prajapat

Aug 31, 2026

Alwar Plot Fraud

अलवर में एक ही प्लॉट को आठ लोगों को बेचा। फोटो: एआई

अलवर। शहर में एक प्लॉट को आठ लोगों को बेचने का मामला सामने आया है। यही नहीं आरोपी ने खुद इस प्लॉट पर लोन भी उठा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सदर थाना पुलिस को दी रिपोर्ट में सुखविंदर कौर ने आरोप लगाया कि उन्होंने सेक्टर-20 में 74 वर्गमीटर क्षेत्रफल के व्यावसायिक भूखंड प्लॉट संख्या आर-23 को राहुल कुमार से खरीदा था। इसके लिए 7 मार्च, 2022 को 11 लाख रुपए की रजिस्टर्ड बिक्री पत्र कराई गई। शिकायत में बताया गया है कि राशि का भुगतान एनईएफटी और चेक के माध्यम से किया गया। परिवादी ने आरोप लगाया कि इस प्लॉट की अलग-अलग लोगों के नाम रजिस्ट्री और बिक्री होती रही। यही नहीं आरोपी ने खुद इस भूखंड पर 2024 में लोन उठाया।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि बिक्री के समय प्लॉट से जुड़े मूल दस्तावेज नहीं दिखाए गए। राहुल कुमार ने कथित तौर पर मूल दस्तावेज घर पर होने और बाद में उपलब्ध कराने की बात कही। बाद में जांच-पड़ताल करने पर परिवादी को जानकारी मिली कि जिस व्यक्ति ने उसे प्लॉट बेचा, उसके पास उस समय प्लॉट का स्वामित्व ही नहीं था।

मौके पर किसी और का नाम व मोबाइल नंबर

मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब 9 अगस्त 2026 को परिवादी और उसके पति प्लॉट पर पहुंचे। वहां प्लॉट के बाहर एक बोर्ड लगा मिला, जिस पर किसी और का नाम व मोबाइल नंबर अंकित था। मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर जानकारी मिली कि प्लॉट को सुरेंद्र जैन ने बेचा था। इसके बाद परिवादी और उसका पति संबंधित व्यक्ति के घर पहुंचे और रजिस्ट्री देखी तो उनके अनुसार सामने आया कि राहुल कुमार ने परिवादी को प्लॉट बेचने से पहले ही 10 मार्च, 2021 को इसे रमेश यादव के नाम रजिस्टर्ड कर दिया था।

इनके नाम हो चुकी है रजिस्ट्री

1. 10 मार्च, 2021 को रामहेत यादव को बयनामा के जरिए भूखंड का बेचान किया गया।
2. 7 मार्च, 2022 को सुखविंदर कौर को भूखंड बेचा।
3. 29 अक्टूबर, 2022 को संदीप जैन पुत्र रोशन जैन के नाम इकरारनामा किया गया।
4. 22 नवंबर, 2022 को सचिन अग्रवाल के नाम बयनामा किया गया।
5. 15 अगस्त, 2024 को सुनील कुमार पुत्र छोटे लाल के नाम इकरारनामा किया गया।
6. 10 फरवरी, 2025 को शांति शर्मा पत्नी सुनील शर्मा के नाम इकरारनाम किया गया।
7. 1 जनवरी 2026 को संदीप सिंह को जरिए रजिस्टर्ड इकरारनामा किया गया।
8. 24 फरवरी 2026 को मनीष सैनी पुत्र श्याम लाल सैनी को इकरारनामा के जरिए बेचान किया गया।