
सिलीसेढ़ झील (फोटो - पत्रिका)
अलवर जिले में पिछले चार-पांच दिन से बारिश नहीं होने के कारण मौसम एक बार फिर गर्म और उमस भरा हो गया है। सुबह से ही तेज उमस लोगों के पसीने छुड़ा रही है। रविवार को आसमान में हल्के से मध्यम बादल छाए रहे और बारिश की संभावना बनी रही, लेकिन दिनभर बारिश नहीं होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल सकी।
हालांकि इससे पहले जिले के कई इलाकों में बीच-बीच में हुई हल्की बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई थी। खेतों में खड़ी फसलों को बारिश से संजीवनी मिली और फिलहाल अधिकांश फसलें अच्छी स्थिति में बताई जा रही हैं। लेकिन अब बारिश का लंबा अंतराल बढ़ने पर किसानों के साथ आम लोगों की भी चिंता बढ़ने लगी है।
जिलेवासियों को अब अच्छी और लगातार बारिश का इंतजार है। झमाझम बारिश से जहां उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं सूखे पड़े बांधों और जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ सकती है। लेकिन इस बार लोगों को बारिश ने निराश ही किया है और अब आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने की कम ही संभावना है। अलवर जिले में कुल 129 बांध हैं, लेकिन अब तक केवल 14 बांधों में ही पानी की आवक दर्ज की गई है।
सिलीसेढ़ बांध में इस मानसून के दौरान करीब डेढ़ फीट पानी बढ़ा है। वहीं जिले का प्रमुख जयसमंद बांध अब भी सूखा पड़ा है। पिछले साल इसी समय तक 20 से अधिक बांधों में पानी की आवक हो चुकी थी। इस बार बारिश होने के बावजूद बांधों में अपेक्षाकृत कम पानी पहुंचने से जलस्रोतों की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।
अलवर में औसत वार्षिक बारिश 544 मिलीमीटर है, जबकि इस मानसून सीजन में अब तक 467 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। वहीं खैरथल-तिजारा जिले में 391 मिलीमीटर और कोटपूतली-बहरोड़ जिले में 408 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
विभिन्न बांधों में पानी की आवक की बात करें तो सिलीसेढ़ में 26.3 फीट, मंगलसर में 31.5 फीट, जयसागर में 10.10 फीट, समरसरोवर में 5.7 फीट और मानसरोवर में 17.8 फीट पानी की आवक हुई है। इसके अलावा आगर, बिरखड़ी, खोह, रैणी कला, ईसापुर और बघेरी खुर्द सहित अन्य बांधों में भी पानी पहुंचा है।
गोरपहाड़ी में करीब एक फीट पानी की आवक दर्ज की गई है। इधर, जिले की प्रमुख रूपारेल और साहबी नदियों में अब तक बहाव नहीं आया है। ऐसे में जिलेवासियों की नजर अब अगले बारिश के दौर पर टिकी है। अच्छी बारिश होने पर नदियों में बहाव आने के साथ बांधों और जलाशयों की स्थिति में भी सुधार की उम्मीद है।
Updated on:
30 Aug 2026 03:50 pm
Published on:
30 Aug 2026 03:50 pm
