
अलवर में पंचायत चुनाव के पहले चरण को लेकर मिनी सचिवालय में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के नामांकन पत्रों की जांच की गई। जिला निर्वाचन एवं रिटर्निंग अधिकारी डॉ. आर्तिका शुक्ला की अध्यक्षता में हुई जांच के बाद जिला परिषद के 39 वार्डों में 182 प्रत्याशी मैदान में रह गए हैं। जांच के दौरान 83 नामांकन पत्र निरस्त किए गए।
जिला परिषद सदस्य के चुनाव के लिए कुल 265 नामांकन पत्र प्राप्त हुए थे। जांच के बाद प्रत्याशियों की संख्या घटकर 182 रह गई है। वहीं, पहले चरण में शामिल छह पंचायत समितियों में भी नामांकन पत्रों की जांच के बाद चुनावी मुकाबले की तस्वीर सामने आ गई है। इन पंचायत समितियों में 353 नामांकन पत्र निरस्त किए गए हैं। अब छह पंचायत समितियों में कुल 620 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
नामांकन पत्रों की जांच के बाद अब प्रत्याशियों के पास नाम वापस लेने का मौका है। मिनी सचिवालय में गुरुवार को दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। नाम वापसी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस वार्ड में कितने प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा।
पहले चरण का मतदान 22 अक्टूबर को होगा। ऐसे में नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशी प्रचार में जुटेंगे। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
नामांकन पत्रों की जांच के बाद कठूमर पंचायत समिति में 107 नामांकन निरस्त हुए हैं। यहां अब 164 प्रत्याशी मैदान में हैं। गोविन्दगढ़ में 38 नामांकन निरस्त होने के बाद 80 प्रत्याशी शेष हैं। रामगढ़ में 29 नामांकन निरस्त किए गए हैं और यहां 73 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे।
मुबारिकपुर पंचायत समिति में 29 नामांकन निरस्त होने के बाद 55 प्रत्याशी मैदान में हैं। रैणी में सबसे अधिक 106 नामांकन निरस्त किए गए, जिसके बाद 167 प्रत्याशी शेष रह गए हैं। वहीं, खेरली-सोंखर पंचायत समिति में 44 नामांकन निरस्त हुए हैं और 81 नामांकन पत्र मान्य पाए गए हैं।
अब गुरुवार को नाम वापसी के बाद सभी वार्डों में चुनावी मुकाबले की अंतिम तस्वीर सामने आएगी। इसके बाद प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार अभियान तेज करेंगे।