
देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिस जवानों की याद में 21 अक्टूबर को पुलिस शहीद दिवस मनाया गया। अलवर की रिजर्व पुलिस लाइन में बुधवार सुबह 7 बजे कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें एसपी सुधीर चौधरी ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया।
पुलिस शहीद दिवस का उद्देश्य देश की आंतरिक सुरक्षा और आमजन की रक्षा करते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों को याद करना और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना है। पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के दौरान कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों पर रोक लगाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें चुनौतीपूर्ण हालात में भी काम करना पड़ता है। ऐसे में अपने कर्तव्य का पालन करते हुए जान गंवाने वाले जवानों का बलिदान हमेशा याद किया जाता है।
रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में शहीद पुलिसकर्मियों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया गया। इन जवानों ने देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना जिम्मेदारी निभाई। उनका योगदान पुलिस बल के साथ ही आमजन के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम में अलवर एसपी सुधीर चौधरी ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर शहीद जवानों के सर्वोच्च बलिदान को याद किया गया। पुलिस शहीद दिवस पुलिसकर्मियों को यह याद दिलाने का अवसर भी है कि वर्दी के साथ देश और आमजन की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी जुड़ी होती है। शहीद जवानों का साहस और सेवा भावना पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण पहचान है।
पुलिस शहीद दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए 10 पुलिसकर्मियों की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है। इन जवानों ने कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था।
इसके बाद से देशभर में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है। अलवर में भी रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से वीर जवानों के बलिदान को याद किया गया और उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।