
पुतलों को स्थापित करने के लिए क्रेन की मदद ली गई (फोटो - पत्रिका)
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयदशमी का पर्व आज उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर शहर के अलग-अलग गली-मोहल्लों में रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा। वहीं, अलवर शहर के दशहरा मैदान में पुरुषार्थी समिति की ओर से विशेष समारोह आयोजित होगा। आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले मैदान में स्थापित कर दिए गए हैं।
समिति की ओर से तीनों पुतले सोमवार को दशहरा मैदान पहुंचाए गए थे। इन्हें क्रेन की सहायता से खड़ा किया गया है। इस बार रावण दहन पारंपरिक तरीके से तीर चलाकर नहीं, बल्कि रिमोट के जरिए किया जाएगा। आयोजन को खास बनाने के लिए मैदान में आकर्षक लाइटिंग और ग्रीन आतिशबाजी की व्यवस्था भी की गई है। विजयदशमी पर होने वाले इस कार्यक्रम में रावण दहन मुख्य आकर्षण रहेगा।
इस बार दशहरा मैदान में रावण का पुतला 65 फीट ऊंचा बनाया गया है। वहीं, कुंभकर्ण का पुतला 60 फीट और मेघनाद का पुतला 55 फीट ऊंचा होगा। तीनों पुतलों को मैदान में स्थापित करने के बाद दहन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पुतलों की ऊंचाई के कारण मैदान में होने वाला आयोजन खास रहेगा।
रावण के पुतले में विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसकी मदद से रावण के हाथ हिलते हुए और तलवार चलाते हुए नजर आएंगे। इस तरह पुतले को पहले से ज्यादा आकर्षक बनाया गया है। रिमोट से दहन की व्यवस्था भी इस बार के आयोजन की खास बात है।
दशहरा मैदान में समारोह के दौरान आकर्षक लाइटिंग की जाएगी। इसके साथ ही ग्रीन आतिशबाजी भी होगी। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन विजयदशमी के मुख्य आकर्षणों में शामिल रहेगा। आयोजन के लिए मैदान में पुतलों को सुरक्षित तरीके से स्थापित करने के लिए क्रेन की मदद ली गई है। इस आयोजन को देखने के लिए आज बड़ी संख्या में लोग दशहरा मैदान में पहुंचेंगे।
आयोजन में धार्मिक परंपरा का भी ध्यान रखा गया है। पुतलों की स्थापना के लिए अयोध्या से रज लाई गई है। पुरुषार्थी समिति की ओर से समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब विजयदशमी पर दशहरा मैदान में रावण दहन का आयोजन होगा। इस दौरान रावण के दंभ के अंत और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाएगा।
Updated on:
20 Oct 2026 03:24 pm
Published on:
20 Oct 2026 03:24 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
