अलवर

Alwar: रोडवेज की AC Buses बनीं घाटे का सौदा, रूट बदलने के बाद भी नहीं मिल रहे यात्री

अलवर में रोडवेज (Rajasthan Roadways) की वातानुकूलित बसें (AC buses) यात्रियों की कमी से जूझ रही हैं। बार-बार रूट (route) बदलने के बाद भी सीटें खाली हैं, जिससे अलवर और मत्स्य नगर दोनों डिपो (bus depot) को रोजाना 20 से 25 हजार रुपए का आर्थिक नुकसान (financial loss) उठाना पड़ रहा है।
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Oct 04, 2026
roadways ac buses
एसी बसों की फाइल फोटो

यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए शुरू की गई एसी बसें अब रोडवेज के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही हैं। यात्री नहीं मिलने के कारण बसों के रूट बार-बार बदले जा रहे हैं, लेकिन अपेक्षित यात्रीभार नहीं मिल रहा। मत्स्य नगर डिपो की चार एसी बसों को पहले पाली और जयपुर रूट पर संचालित किया गया, लेकिन पर्याप्त इनकम नहीं होने के कारण इन्हें इस रूट से हटा लिया गया। अब इन बसों को दिल्ली रूट पर चलाया जा रहा है, लेकिन यहां भी करीब 50 प्रतिशत सीटें खाली रह रही हैं।

सांवरिया सेठ रूट भी फेल

इसी तरह अलवर डिपो की दो एसी बसों को पहले सांवरिया सेठ के लिए संचालित किया गया था। इस रूट पर इनकम तो दूर की बात रोडवेज प्रशासन को जेब से पैसा लगाना पड़ा। इसके बाद दोनों बसों का रूट बदल दिया गया। अब इन्हें अलवर से दिल्ली, दिल्ली से मेहंदीपुर बालाजी और बालाजी से अलवर तक संचालित किया जा रहा है। इन बसों का नया संचालन करीब तीन से चार दिन पहले ही शुरू हुआ है।

रोजाना 20 हजार रुपए से ज्यादा का घाटा

रूट बदलने के बावजूद एसी बसों का संचालन दोनों डिपो के लिए चुनौती बना हुआ है। इन बसों के संचालन से दोनों डिपो को करीब 13 से 14 रुपए प्रति किलोमीटर का नुकसान हो रहा है। मत्स्य नगर व अलवर डिपो को रोजाना करीब 20 से 25 हजार रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बावजूद इन बसों का संचालन जारी रखना दोनों डिपो की मजबूरी है।

अभी जारी रहेगा इन रूट पर बसों का संचालन

अधिकारियों का कहना है कि नए रूट पर बसों का संचालन अभी तीन से चार दिन पहले ही शुरू हुआ है। इसलिए कुछ दिन बसों को चलाकर यात्रीभार और इनकम देखी जाएगी। इसके बाद ही रूट बदलने का निर्णय किया जाएगा। यानी फिलहाल इन बसों को बंद करने के बजाय नए रूट पर यात्री मिलने का इंतजार किया जा रहा है।

डिपो की सामान्य बसों का यात्रीभार 80 से 90 प्रतिशत

खास बात यह है कि दोनों डिपो की सामान्य बसों का औसत यात्रीभार 80 से 90 प्रतिशत के बीच है। ऐसे में एसी बसों में पर्याप्त यात्री नहीं मिलने से डिपो की कमाई का संतुलन बिगड़ रहा है। एक तरफ सामान्य बसें बेहतर यात्रीभार के साथ चल रही हैं, वहीं एसी बसों को यात्री देने के लिए लगातार रूट बदलने पड़ रहे हैं।

मत्स्य नगर को अभी और मिलेंगी दो नई एसी बसें

एसी बसों में यात्रीभार की स्थिति के बीच मत्स्य नगर डिपो में दो नई एसी बसें आएंगी। इनके आने की तारीख तय नहीं है। रोडवेज प्रशासन ने अनुबंध पर इन बसों को लिया है। ऐसे में पहले से संचालित एसी बसों के यात्रीभार और घाटे के बीच नई बसों के संचालन को लेकर भी डिपो के सामने चुनौती रहेगी। फिलहाल अधिकारियों की नजर नए रूट पर यात्रीभार और इनकम पर है।

चार बसों का दिल्ली रूट पर संचालन शुरू किया है। पहले जिन मार्गों पर चलाया गया था, वहां घाटा ज्यादा होने की वजह से रूट बदले गए हैं - कुलदीप शर्मा, मुख्य प्रबंधक, मत्स्य नगर डिपो

सांवरिया सेठ मार्ग से हटाकर दिल्ली-बालाजी रूट पर दाेनों बसें चलाई जा रही हैं। देखा जा रहा है कि यहां यात्रीभार कैसा है - सपना मीणा, मुख्य प्रबंधक, अलवर डिपो

Updated on:
04 Oct 2026 11:28 am
Published on:
04 Oct 2026 11:28 am