Sariska Tiger Reserve: अलवर जिले में स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व से बाघिन-2401 करीब दो महीने से लापता है। बाघिन की तलाश में पांच टीमें जुटी हुई हैं।
जयपुर/अलवर: सरिस्का टाइगर रिजर्व (एसटीआर) से बाघिन-2401 करीब दो महीने से लापता है, जिससे चिंता बढ़ गई है। अकबरपुर रेंज में अक्सर रहने वाली यह कम उम्र की बाघिन आखिरी बार नालदेश्वर क्षेत्र में देखी गई थी, जो शिकार के लिए कुख्यात क्षेत्र है।
वन अधिकारी ने बताया, नालदेश्वर क्षेत्र में उसकी तलाश के लिए पांच टीमें बनाई गई हैं। सरिस्का में बाघों की आबादी बढ़ने के साथ ही यह संभव है कि वह नए इलाके की तलाश में बाहर निकली हो। हालांकि, एसटीआर में बाघों की आबादी अब बढ़कर 49 हो गई है। लेकिन अशांत और असुरक्षित आवास बड़ी बिल्लियों को दूर भगा रहे हैं।
बता दें कि लगभग दो साल पहले एक प्रमुख नर बाघ, एसटी-13, जिसकी आवाजाही नालदेश्वर क्षेत्र में देखी गई थी। यह नर बाघ रहस्यमयी तरीके से अकबरपुर रेंज से गायब हो गया था। साल 2018 में बाघिन एसटी-5 भी उसी रेंज से गायब हो गई थी। बाद में एक शिकारी ने उसे मारने और उसकी खाल बेचने की बात कबूल की थी।
सरिस्का टाइगर रिजर्व में लगातार बाघों का कुनबा बढ़ रहा है। बीते दिनों एसटी-19 ने चार शावकों को जन्म दिया था। यह कैमरे में ट्रैप हुए हैं। इसी के साथ सरिस्का में बाघों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है।
बता दें कि एसटी-19 की टेरेटरी अलवर बफर रेंज में है। इसी के बरेली-बाड़ी क्षेत्र में चार शावकों को जन्म दिया है। चारों शावक स्वस्थ हैं, निगरानी की जा रही है।