
अलवर के मोहल्ला जोहड़ा (पटेल नगर) में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय निवासी दिलीप सिंह की तीन वर्षीय बेटी घर के बाहर खेल रही थी, तभी एक लावारिस कुत्ते ने उस पर अचानक हमला कर दिया। हमले में बच्ची के कंधे पर गहरे जख्म हो गए।
परिजनों ने उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़ने और क्षेत्र में प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
बच्ची के पिता दिलीप सिंह ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि जब उनकी बेटी बाहर खेल रही थी, तभी अचानक उसके चीखने-चिल्लाने की जोर से आवाज आई। रोने की आवाज सुनकर दिलीप सिंह तुरंत घर के बाहर की तरफ दौड़े। बाहर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए; एक आवारा कुत्ता उनकी मासूम बच्ची को दांतों से पकड़कर घसीटते हुए ले जा रहा था। दिलीप सिंह ने बिना वक्त गंवाए फुर्ती दिखाई और कुत्ते के चंगुल से अपनी तड़पती हुई बेटी को छुड़ाया। अगर पिता सही समय पर बाहर नहीं आते, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
कुत्ते के हमले से डरी-सहमी और लहूलुहान बच्ची को परिजन तुरंत अलवर के सामान्य अस्पताल लेकर भागे। अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्ची का प्राथमिक उपचार कर उसे एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाया। फिलहाल बच्ची के कंधे के घावों का इलाज चल रहा है, लेकिन इस घटना के बाद से मासूम बुरी तरह सहमी हुई है।
इस घटना के बाद से मोहल्ले के लोगों में भारी गुस्सा है। पिता दिलीप सिंह का कहना है कि पूरे पटेल नगर और जोहड़ा इलाके में बड़ी तादाद में आवारा कुत्ते घूम रहे हैं। ये कुत्ते आए दिन राहगीरों और बच्चों को अपना निशाना बना रहे हैं। मोहल्ले वासियों ने नगर निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि
निगम अधिकारियों की ओर से शहर को आवारा पशुओं और कुत्तों से मुक्त कराने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल उलट है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगर निगम तुरंत टीम भेजकर इन कुत्तों को पकड़े, ताकि भविष्य में ऐसी किसी घटना को दोबारा होने से रोका जा सके।