
अलवर. स्कूल के दिन तो बीत गए। स्कूल में पाबंदी थी। अब कुछ नया होगा। स्कूल की सहेलियां भी बिछड़ गई, अब नई सहेलियां कौन होगी? कॉलेज का माहौल कैसा होगा, हमारा पहला दिन कैसे होगा? कॉलेज में पढ़ाई कैसे होती है ? कॉलेज में प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाली छात्राएं कॉलेज जाने को लेकर बहुत उत्साहित है। कॉलेज का नाम सुनते ही लगता है कि बड़े होने का अहसास भी होता है।
कॉलेज में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत होने वाली है। जिन छात्राओं को प्रवेश मिल गया है उन्होंने कॉलेज जाने की तैयारी शुरु कर दी है। हमने पहली बार कॉलेज जाने वाली छात्राओं से जानी उनके मन की बात। इन्होंने कहा पहला इंप्रेशन होगा खास।
मुझे स्कूल के दिन हमेशा याद आएंगे। लेकिन इस बात को लेकर बहुत उत्साह है कि मेरी कॉलेज की लाइफ कैसी होगी। कॉलेज में स्कूल की तरह पाबंदी नहीं होगी, यहां कहीं आने जाने की पूरी छूट रहती है। मेरी सहेलियां भी यहां मेरे साथ है। इसलिए बहुत अच्छा लग रहा है।
प्रीति सैनी, बीए, प्रथम वर्ष
अभी तक अपने से सीनियर से सुना है कि यहां की लाइफ बहुत मस्त होती है। अब मुझे भी इस मस्त लाइफ को जीने का मौका मिलेगा। यहां के तीन साल जिंदगी में नए अनुभव देने वाले हैं। कॉलेज से जिंदगी की नई शुरुआत होती है।
नंदिनी कुमारी, बीकॉम, प्रथम वर्ष
मैं चाहती हूं कि मेरा पहला दिन यादगार बन जाए। कॉलेज जाने के लिए नई ड्रेस खरीदी है। कॉलेज का नाम लेते ही लगता है कि अब मैं बड़ी हो गई हूं। अब जिंदगी में बहुत कुछ नया होने वाला है। यहां मेरे लिए सब कुछ नया होगा।
रविना मीणा, बीए, प्रथम वर्ष
कॉलेज की अपनी अलग लाइफ होती है, यहां मुझे नए अनुभव मिलेंगे। अभी तक सब मुझे बच्चा समझते थे लेकिन अब में भी सयानी हो गई हूं। यहां कॉलेज की पढ़ाई के साथ अब कैरियर की भी तैयारी करनी है।
खुशबू बारेठ, बीएससी, प्रथम वर्ष