
अलवर की इस बैंक में गबन,घोटाला, आरबीआई ने किया ऐसा काम,उड़ गई ग्राहकों की नींद
अलवर. हर परिवार के लिए यह खबर सावचेत करने वाली है। किसी भी जगह पैसा निवेश करें तो खुद सम्बंधित बैंक या एजेंसी को जानने के बाद ही निर्णय लें। उसका रिकॉर्ड देखकर ही पूंजी निवेश करें या जमा कराएं। थोड़ी सी लापरवाही से पूरे जीवन की कमाई हाथ से जा सकती है। ऐसा ही हुआ है अलवर अरबन को-ऑपरेटिव बैंक 50 से अधिक खाताधारकों के साथ जिन्होंने अपने पूरे जीवन की कमाई को बैंक के बचत खाते, करंट, फिक्स डिपोजिट किया।
अब इस बैंक का लाइसेंस निरस्त होने के बाद उन परिवारों की रही सही नींद और उड़ गई है। सबको यही चिंता है कि अब यह जमा पैसा आखिर मिलेगा कैसे। बैंक अधिकारी भी अब उनको आश्वासन देने से कतरा रहे हैं।
इस बैंक के एक लाख रुपए से अधिक पैसे वाले खाताधारकों की जमा पूंजी पर संकट हो गया है। एक लाख से कम पैसे वाले उपभोक्ताओं का पैसा बीमा राशि से जल्दी मिलने की संभावना है।
1 लाख से अधिक वाले 508 खाताधारक
इस बैंक में एक लाख रुपए से अधिक राशि वाले 508 खाताधारक हैं। जिनका करीब 10 करोड़ रुपया जमा है। यह राशि अब बड़ी मुश्किल से मिल पाएगी। इसके लिए एक ही रास्ता है सरकार अब बैंक में अवसहायक नियुक्त करेगी जो ऋण की राशि को जुटाकर धीरे-धीरे उनकी जमा पूंजी लौटाएंगे। वैसे बैंक के पास कोई प्रॉपर्टी नहीं है जिससे अधिक दिक्कत आ रही है।
1 लाख से कम वाले 7 हजार खाताधारक
एक लाख से कम राशि वाले 7 हजार 334 खाताधारक हैं। जिनका 9 करोड़ रुपया जमा है। ऐसे भी काफी उपभोक्ता हैं जिनका 10 या 20 लाख रुपए से अधिक राशि जमा है। अब वे रोजाना बैंक के चक्कर लगा रहे हैं। कई तो रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया तक जा चुका हैं।
बैंक मे कामकाज बन्द हो गया है। अब सरकार के स्तर से अवसहायक लगाया जाएगा। उसके बाद आगे जमा राशि लौटाने की प्रक्रिया शुरू होगी। एक लाख रुपए से अधिक राशि वाले धारकों को परेशान झेलनी पड़ सकती है।
लोकेन्द्र सिंह, सीईओ, अरबन को-ऑपरेटिव बैंक प्रालि अलवर
Published on:
07 Jul 2018 09:04 am
