अलवर

तीज 2020: अलवर में 200 साल में पहली बार नहीं निकलेगी तीज माता की सवारी, इस बार बाजारों में भी काम रौनक

अलवर में महाराजा विनय सिंह के समय से निकलने वाली तीज माता की सवारी इस साल पहली बार नहीं निकलेगी, कोरोना के कारण घरों में ही पूजन होगा

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Jul 23, 2020
Alwar Teej Mata Savari Program Cancelled Due To Corona Pandemic
तीज 2020: अलवर में 200 साल में पहली बार नहीं निकलेगी तीज माता की सवारी, इस बार बाजारों में भी काम रौनक

अलवर. श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को महिलाओं का पंसदीदा पर्व तीज गुरूवार को मनाया जा रहा है। हालांकि कोरोना के चलते इस साल तीज महोत्सव का उत्साह फीका ही रहेगा। महिलाएंइस दिन लहरिया पहनकर पार्वती के रूप में तीज माता की पूजा करती हैं। तीज के अवसर पर घरों में पकवान बनाने के साथ घेवर खाने की परंपरा है। वहीं कोरोना के चलते इस साल सिटी पैलेस से निकलने वाली तीज माता की सवारी नहीं निकाली जाएगी। पूर्व राजपरिवार की ओर से यहां पिछले 200 सालों से बैंडबाजे के साथ तीज माता की सवारी निकली जाती है, लेकिन कोरोना फैलाव को देखते हुए यह कार्यक्रम निरस्त कर दिया है। इस बार फूलबाग पैलेस में तीज माता की पूजा कर सवारी निकली जाएगी।
इस बार जिले में तीज के अवसर पर लगने वाले मेलों का भी आयोजन नहीं होगा।


बुधवार को मनाया सिंजारा पर्व

तीज से एक दिन पूर्व सिंजारा पर्व मनाया गया। महिलाओं ने मेहंदी लगाकर श्रृंगार किया। नवविवाहिताओं के ससुराल से सिंजारा पहुंचा। सिंजारे में लहरिया, साड़ी, गहने, घेवर, सुहाग सामग्री भेजी गई। कोरोना के चलते सिंजारा पर्व पर बाजारों में रौनक काम ही नजर आई। हालांकि घेवर की मांग अच्छी रही। दुकानों पर घेवर की खूब बिक्री हुई, लेकिन लहरियों की दुकानों पर इस बार रौनक नजर नहीं आई।

Updated on:
22 Jul 2020 10:14 pm
Published on:
23 Jul 2020 08:00 am