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Rajasthan Election : बस के शीशे तोड़कर बाहर निकले बंधक पार्षद! राजस्थान के निकाय चुनाव में ‘हद पार हो गई’, वीडियो वायरल

Nikay Chunav Viral Video : करीब 3 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक निजी बस की खिड़कियों के कांच तोड़कर नवनिर्वाचित पार्षद किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर कूद रहे हैं, जिनमें महिला पार्षद भी शामिल हैं।
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Sep 23, 2026
alwar tijara municipal council election bus window breaking video viral rajasthan
Viral Video PIC

राजस्थान में निकाय चुनाव के दौरान लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली तस्वीर और करीब 3 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक बस की खिड़कियों के शीशे तोड़कर नवनिर्वाचित पार्षद किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकल रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह वायरल वीडियो पोस्ट करते हुए राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं।

डोटासरा का दावा है कि 21 सितंबर को होने वाले मतदान से ठीक 2 दिन पहले राजस्थान पुलिस और हरियाणा पुलिस की संयुक्त टीमों ने सत्ता में बैठे रसूखदार नेताओं के इशारे पर कांग्रेस समर्थित पार्षदों को जबरन बंधक बनाकर रखा था। कांग्रेस का आरोप है कि पार्षदों को इसलिए किडनैप किया गया ताकि वे मतदान प्रक्रिया में शामिल होकर अपना वोट न डाल सकें, लेकिन पार्षदों ने अदम्य साहस दिखाते हुए बस के कांच तोड़े और देर रात तिजारा पहुंचकर अपना वोट दिया।

बस की खिड़कियां तोड़कर निकलते दिखे पार्षद

वायरल हो रहे इस वीडियो में तिजारा के स्थानीय घटनाक्रम की भयावहता साफ नजर आ रही है। बस के अंदर बंद पार्षदों ने जब देखा कि बाहर पुलिस और विरोधियों का पहरा है और उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है, तो उन्होंने मजबूरी में बस के शीशे फोड़ दिए।

वीडियो में दिखाई दे रहा है कि किस तरह पार्षद बस की टूटी हुई खिड़कियों से होकर बाहर निकल रहे हैं। उनके चेहरे पर खौफ और जल्दबाजी साफ झलक रही थी। स्थानीय लोगों की मदद से पार्षद किसी तरह बस से बाहर निकले और तुरंत गाड़ियों में सवार होकर मतदान केंद्र की ओर रवाना हुए।

डोटासरा का सरकार पर करारा हमला

घटना के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सीधे टैग करते हुए इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि देश को राजस्थान की ये तस्वीरें देखनी चाहिए कि कैसे सत्ता के दुरुपयोग और पुलिस मशीनरी का गलत इस्तेमाल करके चुने हुए प्रतिनिधियों के संवैधानिक अधिकारों पर डाका डालने की कोशिश की गई।

डोटासरा ने अपनी पोस्ट में लिखा, "21 सितंबर को होने वाले मतदान से पहले 2 दिनों तक, राजस्थान पुलिस और हरियाणा पुलिस ने सत्ता में बैठे लोगों के इशारे पर कांग्रेस पार्षदों को बंधक बनाकर रखा, ताकि वे अपना वोट न डाल सकें। सत्ता की ताकत का इस्तेमाल करके निर्वाचित कांग्रेस पार्षदों के खिलाफ फर्जी मामले दर्ज किए गए, उनका जबरन अपहरण किया गया और धमकाया गया।"

देर रात 10 बजे पहुंचे पार्षद, हुआ मतदान

कांग्रेस पार्टी के नेताओं का कहना है कि तमाम विपरीत परिस्थितियों, पुलिसिया कार्रवाई और बंधक बनाए जाने के बावजूद पार्षदों ने हार नहीं मानी। 21 सितंबर की रात करीब 10 बजे तिजारा पहुंचे पार्षदों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

कांग्रेस का दावा है कि सभी पार्षदों द्वारा समय पर पहुंचकर वोट डालने के कारण ही अंततः तिजारा नगर पालिका में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित हो सकी। डोटासरा ने इसे तिजारा की जनता और चुने हुए पार्षदों के नैतिक साहस की जीत बताया।

मुख्यमंत्री से सवाल और राजनीतिक गरमाहट

इस हाई-प्रोफाइल चुनावी ड्रामे के बाद राजस्थान की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर काफी तेज हो गया है। डोटासरा ने राजस्थान के मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चुनाव जीतने के लिए जिस प्रकार से लोकतंत्र की मर्यादाओं को तार-तार किया गया है, उसे राजस्थान की जनता न तो कभी भूलेगी और न ही कभी माफ करेगी।

दूसरी ओर, इस वायरल वीडियो और कांग्रेस के गंभीर आरोपों के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन और भाजपा खेमे में हड़कंप मच गया है। हालांकि, सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से पुलिस बल के दुरुपयोग के आरोपों को खारिज करते हुए इसे केवल राजनीतिक हथकंडा करार देने की कोशिश की जा रही है, लेकिन खिड़की तोड़कर कूदते पार्षदों का यह वीडियो अब बहस का मुद्दा बन गया है।

Updated on:
23 Sept 2026 10:52 am
Published on:
23 Sept 2026 10:45 am