अलवर

अलवर के सरकारी स्कूल इतने सुन्दर, कहीं ट्रेन बनी, कहीं हवाई जहाज, अब ये फार्मूला अपनाएंगे कई राज्य

अलवर जिले के सरकारी विद्यालयों का कायाकल्प हो गया है। अब यहां सरकारी स्कूल ट्रेन, जहाज, हवाई जहाज के आलावा स्टूडेंट फ्रेंडली शेप ले चुके हैं।

less than 1 minute read
Oct 26, 2020
अलवर के सरकारी स्कूल इतने सुन्दर, कहीं ट्रेन बनी, कहीं हवाई जहाज, अब ये फार्मूला अपनाएंगे कई राज्य,अलवर के सरकारी स्कूल इतने सुन्दर, कहीं ट्रेन बनी, कहीं हवाई जहाज, अब ये फार्मूला अपनाएंगे कई राज्य,अलवर के सरकारी स्कूल इतने सुन्दर, कहीं ट्रेन बनी, कहीं हवाई जहाज, अब ये फार्मूला अपनाएंगे कई राज्य

अलवर. जिले के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प कर नामांकन बढ़ोतरी का फार्मूला कई राज्यों को पसंद आ रहा है। स्कूलों के परिवर्तन पर शोध के लिए कई विश्वविद्यालयों के छात्र यहां आ रहे हैं। इस मुहिम में जन भागीदारी के साथ बड़ी कम्पनियां भी सहयोगी बनी हैं। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी वीरेन्द्र यादव का कहना है कि इससे जिले के सरकारी स्कूलों में 300 प्रतिशत तक नामांकन बढ़ा है।

मोरसराय से शुरुआत

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में लागू होने के बाद सर्व शिक्षा अभियान के इंजीनियर राजेश लवानिया ने अलवर शहर के सरकारी स्कूल मोरसराय से इसकी शुरुआत की और अब जिले भर में सैकड़ों स्कूलों का कायापलट हो चुका है।

कहीं बनी ट्रेन, तो कहीं हवाई जहाज-

एक संस्था की ओर से अलवर शहर के रेलवे स्टेशन स्कूल को ट्रेन की थीम पर विकसित किया गया एवं सहगल फाउंडेशन की ओर से इंदरगढ़ के स्कूल में हवाई जहाज और हल्दीना में पानी के जहाज जैसे कक्षा- कक्ष तैयार किए गए। जिनकी देश भर में सराहना हुई।

यूपी में हो चुकी है शुरुआत

उत्तरप्रदेश में सरकारी स्कूलों को चाइल्ड फ्रेंडली बनाने के लिए कायाकल्प अभियान की शुरुआत की गई है। जिसमें यूनिसेफ की ओर से राजेश लवानिया और एप गुरु इमरान खान को राज्य एवं संभाग स्तर की कार्यशालाओं में रिसोर्स पर्सन के रूप में बुलाया गया। इसी प्रकार छत्तीसगढ़, हरियाणा, तेलंगाना व कर्नाटक के सरकारी स्कूलों में भी अलवर की तर्ज पर काम होने लगा है।

Published on:
26 Oct 2020 05:27 pm
Also Read
View All