अलवर

अलवर अरबन कॉपरेटिव बैंक में आपका खाता है तो सावधान, बैंक पर लग सकता है ताला, उपभोक्ता रहे सतर्क

अरबन कॉपरेटिव बैंक का लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी रिर्जव बैंक ऑफ इण्डिया ने प्रशासक के नाम लिखा पत्र, 8 हजार उपभोक्ताओं की सांसें अटकी
2 min read
• •
Updated: 25 May 2018, 12:21 PM IST
Alwar : Urban cooprative bank may be close shortly
अलवर अरबन कॉपरेटिव बैंक में आपका खाता है तो सावधान, बैंक पर लग सकता है ताला, उपभोक्ता रहे सतर्क

अलवर.नोटबंदी के समय अलवर अरबन कॉपरेटिव बैंक में पकड़े गए 16 करोड़ के घोटाले के बाद से ही 8 हजार उपभोक्ताओं की सांसें अटकी पड़ी है। उनका 21 करोड़ रुपया बैंक में जमा है। अब रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया ने खुद की जांच के बाद बैंक के मौजूदा प्रशासक को लिखा है कि क्यूं न इस बैंक का लाईसेंस ही निरस्त कर दिया जाए। ऐसा हुआ तो उपभोक्ताओं की जमा राशि मिलने में और अधिक समय लग सकता है।

जांच में ढिलाई से जनता पर मार

घोटाले की जांच में ढिलाई के कारण आम जनता पर मार पडऩे जा रही है। अभी तक धारा 57-ए की जांच अध्ूारी है। इस जांच के बाद घोटाले के आरोपितों की सम्पति को बेचान करके उपभोक्ताओं की राशि लौटाने में बड़ी मदद हो सकती है। अधिकतर आरोपित अभी जेल में है। विभाग की प्रारंभिक जांच में 16 करोड़ के घोटाले की पुष्टि हो चुकी है। सेन्ट्रल कॉपरेटिव बैंक अलवर के पूर्व प्रबन्ध निदेशक बी राम ने काफी त्वरित जांच की है। उनके बाद दूसरे अधिकारी को सौंपी जांच अभी अधर में है।

आरबीआई की जांच में मिली खामियां

घोटोले के बाद ईडी, सीबीआई, सीआईडी, एसओजी, पुलिस, विभाग सहित कई एजेंसियों के स्तर पर जांच हुई है। आरबीआई ने जांच कर इस गड़बड़झाले को देख घोटाले के बाद बैंक में लगाए गए प्रशासक को लिखा है कि क्यूं न इस बैंक का लाईसेंस ही निरस्त कर दिया जाए।

जानिए लाईसेंस निरस्त हुआ तो कैसे मिलेगा पैसा

बैंक का लाईसेंस निरस्त हुआ तो 1 लाख रुपए तक जमा वाले उपभोक्ताओं को रिर्जव बैंक ऑफ इण्डिया से बीमा राशि के तौर पर वापस मिलेगा। खाताधारकों की संख्या के आधार पर बैंक का बीमा होता है। एक लाख रुपए से अधिक राशि वाले उपभोक्ताओं को जमा राशि मिलने में समय लग सकता है।

फिर अवसहायक लगेगा

लाईसेंस निरस्त होने के बाद बैंक में सरकार की ओर से अवसहायक लगाया जाएगा जिसके सर्वाधिकार में होगा कि ऋण राशि वापस ली जाए। बैंक का करीब 7.5 करोड़ रुपया ऋण है। इसके अलावा घोटाले के आरोपितों की सम्पति को बेचान करके पैसा वापस करने के विकल्प हैं। जिसमें कुछ अधिक समय लग सकता है।

एक नजर घोटाले पर -

नोटबंदी के समय नवम्बर 2015 में 16 करोड़ का घोटाल पकड़ा।
बैंक के करीब 8 हजार खाताधारक हैं
जिनका कुल 21 करोड़ बैंक में जमा है
बैंक की ऋण राशि 7.5 करोड़ है।
फिलहाल केवल 1 हजार रुपए भुगतान हो रहा

बैंक के पत्र का जवाब भेजा

आरबीआई ने प्रशासक के नाम यह लिखा है कि क्यूं न बैंक का लाईसेंस निरस्त कर दिया जाए। हमने इसका जवाब भी भेजा है। खाताराधकों की जमा राशि लौटाने के पूरे प्रयास हो रहे हैं। करीब 21 करोड़ रुपया लोगों को जमा हैं।
-लोकेन्द्र सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अलवर अरबन कॉपरेटिव बैंक (घोटाले के बाद व्यवस्था संभालने में इनको लगाया)

Published on: