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वाहन की टक्कर से पैंथर की मौत, सरिस्का में चौतरफा घिरे वन्यजीव

दो माह से बाघिन भी है गायब
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अलवर

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Prem Pathak

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Updated: 25 May 2018, 11:57 AM IST

Alwar : painther death in accident in sariska

वाहन की टक्कर से पैंथर की मौत, सरिस्का में चौतरफा घिरे वन्यजीव

सरिस्का में वन्य जीव चौतरफा घिर गए हैं। कभी बाघ फंदे में फंसकर मौत का शिकार हो रहे हैं तो बाघिन दो महीनों से गायब है। अब एक और पैंथर की सड़क पर वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई। इतनी गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद भी सरकार व प्रशासन मौन हैं, जिसका खमियाजा वन्यजीवों को भुगतना पड़ रहा है।
सरिस्का बाघ परियोजना में तालवृक्ष के छोटा भर्तृहरि के पास बुधवार रात्रि अज्ञात वाहन की टक्कर से एक नर पैंथर की मौत हो गई है। पैंथर सड़क के नीचे गडढे् में पानी पीने के बाद सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान अज्ञात वाहन की टक्कर लगते ही पैंथर गिर गया तथा वाहन का पहिया उसके मुंह के ऊपर से निकल गया, जिससे उसकी गर्दन टूट गई और मौके पर ही मर गया।
तालवृक्ष क्षेत्रीय वन अधिकारी संतोष कुमार पैंथर की सड़क दुर्घटना में मौत की सूचना मिलते ही तत्काल फोरेस्टर जितेन्द्र कुमार व स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और पैंथर के शव को अपने कब्जे में लिया। सरिस्का प्रशासन को वाहन चालक का पता नहीं चल सका और अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

ऐसा था पैंथर

पैंथर का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया जिसमें पैंथर की ऊंचाई 86 सेंटीमीटर, लम्बाई 225 सेंटीमीटर तथा पूंछ की लम्बाई 89 सेंटीमीटर थी। मेडिकल बोर्ड में पशु चिकित्सक डॉ. रमेश कुमार वर्मा, थानागाजी डॉ. दिनकर, नारायणपुर डॉ. रतनलाल अजबपुरा मौजूद थे। उसके बाद पंैथर का विसरा लिया गया। नारायणपुर थानाधिकारी संजय शर्मा, कानूनगो विमल गुप्ता तथा डूंगरसिंह की मौजूदगी में पैंथर को जला दिया गया।

हैबीटाट हटाने से हो रही वन्य जीवों की मौत

वन्यजीव विशेषज्ञों की मानें तो यह सब पैंथर के हैबीटाट के टुकड़ों में बट जाने व पैंथर के प्रे बेस में हुई कमी का परिणाम है। विकास की दौड़ में गांव व जंगलों में वन्यजीवों के हैबीटाट को छोटे छोटे टुकड़ों में बांट दिया है। इस कारण पैंथर भोजन व पानी की तलाश में सड़कों पर आकर भटक जाता है। आबादी की ओर पंैथर रुख कर लेता है। वही प्रे बेस में भी कमी ने भी पैंथरों को आबादी की ओर मोड़ा है।

जागरूक करने की जरूरत:

सरिस्का एसीएफ आनंद कुमार का ने बताया कि सरिस्का क्षेत्र में पैंथर अधिक हैं और इनको तब ही बचा सकते हैं जब वन्यजीव प्रेमीयों के माध्यम से ग्रामीणों का जागरूक किया जाए।
इनका कहना है: सरिस्का के वन्यजीव प्रेमी उपकार संस्थान के डूंगरसिह ने बताया कि सड़क किनारे उगी बिलायती बबूल सड़क से एक तरफ करीब दस फिट तक हटा दी जाए तो सड़क दुर्घटना में वन्यजीवों की दुर्घटना में कमी आएगी।

पांच माह में हो चुकी हैं तीन मौतें

बुधवार रात्रि को सड़क दुर्घटना में मरा नर पंैथर करीब 8 साल का था। बानसूर क्षेत्र में 12 जनवरी को पैंथर का कंकाल मिला था। 27 फरवरी 2018 को तालवृक्ष रेंज के तोलावास जंगल में पेड़ में गर्दन फंस जाने से शव मिला। 23 मई रात्रि को सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है।