अलवर

इन मामलों की महिला थाने में दर्ज होती है शिकायत, छेड़छाड़ मामले में काटते रहो चक्कर

महिलाओं से छेड़छाड़ की वारदातों को लेकर पुलिस नहीं गंभीर
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Jul 02, 2018
Alwar : women police station news
इन मामलों की महिला थाने में दर्ज होती है शिकायत, छेड़छाड़ मामले में काटते रहो चक्कर

महिला थाना पुलिस ने कोतवाली भेजा, कोतवाली ने फिर महिला थाना
राजीव गोयल, ज्योति शर्मा
अलवर. महिलाओं से छेड़छाड़ आदि की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने भले ही निर्भया स्क्वाइड आदि गठित की हो, लेकिन सच्चाई ये है कि छेड़छाड़ के मामलों में महिलाओं की थानों तक में सुनवाई नहीं होती। ऐसी महिलाओं को अपनी फरियाद लेकर एक थाने से दूसरे थाने भटकना पड़ता है। कई बार तो महिलाएं हताश व निराश होकर इसे पुरुष प्रधान समाज की नियति मानकर चुपचाप घर बैठ जाती हैं।
ऐसा ही रविवार को अलवर में देखने को मिला। नंगली सर्किल से बिजलीघर चौराहा की ओर स्कूटी से जा रही एक युवती से दिनदहाड़े बाइक सवार कुछ मनचलों ने छेड़छाड़ की। युवती ने साहस दिखाया और इन मनचलों को सबक सिखाने थाने रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची। लेकिन थाने में पुलिस के व्यवहार व टलाऊ प्रवृत्ति से न्याय की उम्मीद लेकर पहुंची युवती का पुलिस से भरोसा उठ गया। महिला थाना पुलिस ने युवती को कोतवाली टरका दिया। कोतवाली पुलिस ने कोर्ट का हवाला देकर उसे वापस महिला थाने जाने की सलाह दी।

पीडि़ता व महिला थाना प्रभारी की बातचीत के अंश

पीडि़ता: सर, मेरे साथ कुछ देर पहले छेड़छाड़ की घटना हुई है, मुझे एफआईआर दर्ज करानी है।
थाना प्रभारी: - मैडम बताएं, आपके साथ क्या हुआ है?
पीडि़ता : सर, सुबह 10 दस बजे मैं स्कूटी पर जा रही थी। नंगली सर्किल से बिजली घर चौराहे के बीच बाइक सवार दो युवकों ने मुझे धक्का मारा और मेरी चुन्नी खींच ली। बाद में वे फब्तियां कसते भाग निकले। मैं स्कूटी से गिर गई।
थाना प्रभारी : आप उनको जानती है, आपका किसी से झगड़ा है?
पीडि़ता: नहीं, मैं उनको नहीं जानती। ना ही मेरा किसी से झगड़ा है।
थाना प्रभारी: आपके पास पर्स है। हो सकता है वो पर्स व चेन छीनना चाहते हो?
पीडि़ता: सर मैंने चेन नहीं पहन रखी है। पर्स भी उन्होंने नहीं छीना।
थाना प्रभारी: मैडम , हमारे यहां इस तरह के मामले दर्ज नहीं होते। आपको कोतवाली जाना पड़ेगा।
पीडि़ता: सर, मैं महिला थाना भी पूछते-पूछते आई हूं। आपके थाने से कुछ ही दूरी पर मेरे साथ घटना हुई है। आप एफआईआर दर्ज कर लीजिए। मैं कहां-कहां धक्के खाती रहूंगी। मेरे साथ कोई पुरुष भी नहीं है। स्कूटर भी खराब हो गया है।
थाना प्रभारी: आपके साथ दुष्कर्म हुआ है या दहेज के लिए ससुराल वाले परेशान कर रहे हैं अथवा कोई बड़ी छेड़छाड़ हुई है, तो ही हम आपकी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। वरना, आपको कोतवाली में ही मामला दर्ज कराना होगा। आप वहां जाइए। वहां किशनलालजी से मेरी बात कराइए।
पीडि़ता: सर आप मेरी बात तो सुनिए, आप मामला दर्ज कर कार्रवाई कीजिए।
थाना प्रभारी: आप पहले कोतवाली जाइए। वहां मामले की जानकारी दीजिए।

कोतवाली थाने में पीडि़ता से बातचीत के अंश

पीडि़ता: कोतवाली थाने के एक कमरे में कुछ पुलिसकर्मी बैठे थे। सर मुझे एफआईआर दर्ज करानी है।
एसआई: मैडम, क्या हुआ ?
पीडि़ता: मेरे साथ कुछ युवकों ने छेड़छाड़ की है। उन्होंने मेरी चुन्नी खींच ली। गलत हरकतें करते भाग निकले। मैं स्कूटी से गिर गई।
एसआई: मैडम, आप यहां बैठे। इस सादा पेपर पर अपनी शिकायत लिखें। रजिस्टर में अपना पता व नंबर भी लिख दीजिए।
पीडि़ता: सर मैंने पूरी घटना लिख दी है। अब आप जल्दी कार्रवाई कीजिए।
एसआई: आपकी शिकायत पर मैंने नाकाबंदी करा दी है। अब आप ऊपर जाएं और एएसआई बनवारी लाल से मिलें।
(नोट- इसके बाद एक पुलिसकर्मी पीडि़ता को कोतवाली के ऊपर बने एक कमरे में ले गया। खास बात ये है कि महिला के साथ कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं भेजी गई। )
पीडि़ता: मुझे एफआईआर दर्ज करवानी है।
एएसआई: क्या मामला है ?
पीडि़ता: सर, मेरे साथ सुबह नंगली सर्किल पर छेड़छाड़ हुई है।
एएसआई: आप महिला थाने जाओ, वहीं मामला दर्ज होगा।
पीडि़ता: मुझे महिला थाने वालों ने ही यहां भेजा है। कहा कि आपका मामला वहीं का है।
एएसआई: यह देखिए सीजेएम कोर्ट का यह आदेश। इसमें साफ लिखा है कि महिलाओं के मामले महिला थाने में ही दर्ज होंगे। आप वहां जाएं। कोई परेशानी आए तो बात करा दें।

महिला संबंधी अपराध महिला थाने में दर्ज होते हैं। यह सही है कि एक युवती आई थी। हमने उसे समझा-बुझाकर महिला थाने भेज दिया। यदि महिला थाना पुलिस ने उसे यहां भेजा, तो वह गलत था। 354, 376 जैसे अपराध महिला थाने में दर्र्ज होते हैं।
बनवारीलाल, एएसआई, कोतवाली थाना

युवती के कंधे पर पर्स लटका हुआ था। किसी ने पर्स छीनने के लिए चुन्नी खींची थी। हमारे यहां दुष्कर्म, छेड़छाड़, अपहरण आदि के मामले दर्ज होते हैं। यह छेड़छाड़ का मामला नहीं था। कोतवाली पुलिस ने यदि उसे फिर महिला थाने भेजा, तो यह टरकाने की प्रवृत्ति है।
-सुरेन्द्र सिंह, एसएचओ महिला थाना

परिवादी को इधर-उधर टरकाने की जगह कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। यदि परिवादी को एक थाने से दूसरे थाने भेजा गया है, तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
राहुल प्रकाश, एसपी, अलवर

Published on:
02 Jul 2018 09:19 am