
बहरोड़/ अलवर। बहरोड़ पंचायत समिति क्षेत्र के भिटेड़ा गांव में रास्ते से अतिक्रमण को हटाने के मामले में गुरुवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर तहसीलदार बाबूलाल मीणा की तरफ से समय पर अतिक्रमण हटाने में उदासीनता बरतने पर तहसीलदार कार्यालय का घेराव किया।
महिलाओं ने की हाथापाई की कोशिश
उसके बाद जब तहसीलदार कार्यालय से निकल गए तो ग्रामीणों ने कुण्ड रोड पर सरकारी जीप को घेर लिया और महिलाओं ने आक्रोश में आकर तहसीलदार से हाथापाई करने की कोशिश की। लेकिन लोगों की समझाइश के बाद वे कुछ शांत हुए। लेकिन मामला इतने में ही खत्म नहीं हुआ। उन्होंने जमकर खरी खोटी सुनाई और विरोध प्रदर्शन करने के बाद तहसीलदार को भीटेडा गांव में ले आए। उसके बाद कानूनगो व पटवारियों, सरपंच ने रास्ते की नाप जोख कर अतिक्रमण को चिन्हित किया।
बुलाया पुलिस जाप्ता
मामला बिगड़ता देखते हुए तहसीलदार ने पुलिस जाप्ता भी बुलाया। इस दौरान तहसीलदार अतिक्रमण की जगह से कुछ दूरी पर गाड़ी में ही बैठे रहे। ग्रामीणों के कहने पर भी गाड़ी से उतरकर अतिक्रमण स्थान पर नहीं गए। लेकिन तहसीलदार कार्यालय के अधीन आने वाले पटवारी, कानूनगो ने ही अतिक्रमण को चिन्हित किया। अतिक्रमण के चिन्हित करने के दौरान सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं एवं पुरुषों ने रास्ते में डेरा डाले रखा। आखिर में प्रशासन व ग्रामीणों की समझाइश से अतिक्रमणधारी अतिक्रमण हटाने को सहमत हुए।
पांच परिवारों ने कर रखा था अतिक्रमण
उल्लेखनीय है कि भिटेड़ा गांव में मंदिर के सामने से जाने वाले रास्ते में करीब पांच परिवारों ने अतिक्रमण कर रखा है। ग्राम पंचायत की तरफ से रास्ते में सड़क बनाने के लिए टाइलें बिछाने के दौरान अतिक्रमण धारियों ने विरोध कर कार्य में बाधा उत्पन्न की। उसके बाद ग्रामीणों ने बुधवार को एसडीएम रामवतार कुमावत को ज्ञापन भी दिया था। लेकिन तहसीलदार के ढिलाई बरतने की वजह से ग्रामीणों में विरोध की भावना पैदा हो गई।