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Alwar: अलवर जिला परिषद में 6.53 करोड़ के कामों की श्रेणी बदली, RTI में खुलासा

अलवर जिला परिषद में 15वें वित्त आयोग के तहत प्रस्तावित 6.53 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की श्रेणी बदलने का मामला सामने आया है। RTI से मिली जानकारी में दावा किया गया है कि ऑनलाइन ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अलग सूची अपलोड की गई। मामले में जिम्मेदारी और कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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Aug 26, 2026
alwar zila parishad
जिला परिषद (फोटो - पत्रिका)

अलवर जिला परिषद में 15वें वित्त आयोग के तहत प्रस्तावित 6.53 करोड़ के कार्यों की सूची ऑनलाइन पोर्टल पर बदले जाने का मामला सामने आया है। आरटीआइ में खुलासा हुआ है कि योजना के कर्मचारियों ने ही करीब 6 करोड़ 53 लाख रुपए के विकास कार्यों की श्रेणी में बदलाव किया और अधिकृत ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दूसरी सूची को अपलोड कर दिया। इस सूची पर किसी भी प्रस्तावक के हस्ताक्षर नहीं थे, जबकि आरटीआइ से मिली सूची में भारी अंतर है। हर पन्ने पर प्रस्तावक के हस्ताक्षर भी हैं। सबसे खास बात यह है कि दोनों सूचियां में एक ही अग्रेषण पत्र का इस्तेमाल किया गया है। यह मामला पंचायती राज विभाग के भी संज्ञान में लाया गया है।

ऑनलाइन अपलोड सूची में राज्य सरकार की ओर से निर्धारित मापदंडों के विपरीत पेयजल एवं स्वच्छता से जुड़े कार्यों का हिस्सा 60 प्रतिशत से घटाकर करीब 23 प्रतिशत कर दिया गया, जबकि सड़क से संबंधित कार्यों का हिस्सा 40 प्रतिशत के बजाय करीब 77 प्रतिशत तक अपलोड किया गया। इस मामले में कार्रवाई नहीं होने पर सवाल भी उठे हैं। इस संबंध में हनुमानगढ़ के नोहर विधायक अमित चाचान और फतेहगढ़ विधायक हाकम अली खान ने विधानसभा में प्रश्न भी लगाया था।

आरटीआइ से सामने आई 48 कार्यों की जानकारी

आरटीआइ में सामने आया कि 48 कार्यों की श्रेणी ऑनलाइन पोर्टल पर बदल दी गई थी। संबंधित शाखा कर्मी ने अपने लिखित बयान में माना कि इन कार्यों की श्रेणी गलती से बदली गई थी। रिकॉर्ड से सामने आया कि केवल कामों की श्रेणी ही नहीं बदली, बल्कि ऑनलाइन पोर्टल ई-ग्राम स्वराज पर पूरी सूची ही बदल दी गई। महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जिन 48 कार्यों की श्रेणी बदलने की बात कर्मचारियों ने स्वीकार की, उनमें से 10 कार्यों की वित्तीय स्वीकृति भी जारी हो चुकी थी, जिनकी कुल राशि करीब 50 लाख रुपए है।


स्वच्छता के काम सड़क श्रेणी में, पेयजल के कार्य भी बदले

स्वच्छता श्रेणी में आने वाले कार्यों में सीसी सड़क, श्मशान घाट विकास, सोलर पंप सेट निर्माण और सिंगल फेज बोरिंग जैसे कार्य दर्शाए गए हैं। पेयजल श्रेणी में नाला निर्माण, स्कूल में बाउंड्रीवाॅल, प्रकाश व्यवस्था के लिए एलईडी, पुलिया निर्माण और सीमेंट पाइप लाइन जैसे कार्य पास किए गए। शिक्षा श्रेणी में केवल एक कार्य स्वीकृत हुआ, वह भी रोड लाइट से संबंधित है। इस प्रकरण में अलवर जिला परिषद को एक्शन लेना चाहिए था, लेकिन नहीं लिया गया। सवाल उठ रहा है कि कार्यों की श्रेणी बदलने का निर्णय किसके आदेश पर हुआ?

विकास कार्यों के लिए जिन ग्राम पंचायतों को राशि भेजी गई थी, वह नगरपालिका बनने के बाद वापस आ गई। ऐसे में उस राशि से दूसरे कार्य दूसरी ग्राम पंचायतों के लिए आवंटित किए गए थे। इस मामले को फिर भी हम दिखवा लेंगे - बलबीर सिंह छिल्लर, जिला प्रमुख

Updated on:
26 Aug 2026 02:32 pm
Published on:
26 Aug 2026 02:30 pm