उत्तर पश्चिम रेलवे ने मुख्यालय को पत्र लिखकर इसके विस्तार का प्रस्ताव दिया है, उत्तर मध्य रेलवे ने जिसकी समीक्षा कर समय में बदलाव किया है।
अलवर. बाड़मेर से जयपुर के बीच चल रही बाड़मेर-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के मथुरा तक विस्तार की प्रक्रिया फिर धीमी हो गई है। जनता और जनप्रतिनिधियों की पुरजोर मांग के बाद भी रेलवे की ओर से लेटलतीफी की जा रही है। हालांकि उत्तर पश्चिम और उत्तर मध्य रेलवे की ओर से इस ट्रेन के विस्तार को लेकर चर्चा की गई है, लेकिन अब उत्तर मध्य रेलवे ने प्लेटफॉर्म की अनुपलब्धता नहीं होने का हवाला दिया है। उत्तर-मध्य रेलवे की ओर से भिवानी-मथुरा और मथुरा सवाईमाधोपुर ट्रेन को एक साथ चलाने का सुझाव दिया है। अलवर सांसद बालकनाथ भी इस ट्रेन के विस्तार को लेकर पत्र लिख चुके हैं।
कोरोना से पहले था बेहतर विकल्प
कोरोना से पूर्व अलवर से प्रतिदिन मालाणी एक्सप्रेस बाड़मेर के लिए सीधी चलती थी। जिसे बंद कर जम्मूतवी-बाड़मेर को चलाया गया, वहीं हाल ही में दिल्ली से बाड़मेर के बीच मालाणी एक्सप्रेस चलाई जा रही है, जो मात्र दो दिन ही अलवर आती है। अगर जयपुर-बाड़मेर सुपरफास्ट ट्रेन को जल्द मथुरा तक विस्तार दिया जाता है, तो अलवर के यात्रियों को बाड़मेर, जोधपुर के साथ ही मथुरा, गोवर्धन आदि स्टेशनों के लिए अतिरिक्त ट्रेन का विकल्प मिलेगा।
जयपुर में 14 घंटे खड़ी रहती है यह ट्रेन
बाड़मेर-जयपुर सुपरफास्ट ट्रेन का जयपुर में 14 घंटे लाई ओवर है। यह ट्रेन बाड़मेर से चलकर सुबह 6.40 बजे जयपुर पहुंच रही है। फिर रात 9 बजे जयपुर से वापस रवाना हो रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने मुख्यालय को पत्र लिखकर इसके विस्तार का प्रस्ताव दिया है, उत्तर मध्य रेलवे ने जिसकी समीक्षा कर समय में बदलाव किया है। सामाजिक कार्यकर्ता कपिल मेहरा का कहना है कि जयपुर-मथुरा रूट पर ट्रेनों की काफी जरूरत है, उन्होंने रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखकर ट्रेनों के संचालन व विस्तार की मांग की है।