बहरोड़ विधायक बलजीत यादव और एसडीएम संतोष मीणा के बीच तनातनी हो गई। विधायक ने एसडीएम पर शराब पीकर आने का आरोप लगाया। जिसका उन्होंने खंडन किया।
बहरोड़. बाइपास निर्माण भूमि अवाप्ति मुआवजा देने में भ्रष्टाचार करने और कार्यालय में नहीं बैठने की शिकायतों पर सोमवार दोपहर को विधायक बलजीत यादव एसडीएम कार्यालय पहुंचे। निरीक्षण के दौरान कार्यालय पर ताला लगा मिलने और स्टाफ नहीं होने पर नाराज विधायक ने एसडीएम को मौके पर बुलाया तो वे ढाई घंटे देरी से आए। इस पर विधायक ने उन्हें लताड़ लगाई और कहा कि ऐसे अधिकारियों को नहीं बख्शा जाएगा।
जानकारी के अनुसार विधायक बलजीत यादव को बहरोड़ बाइपास निर्माण भूमि अवाप्ति का मुआवजा देने में भ्रष्टाचार करने, किसानों को चक्कर कटवाने, एक निजी बैंक में खाता खुलवाने के लिए बाध्य करने और कार्यालय में नहीं बैठकर निवास या बाहर होटलों में डील करने की शिकायतें मिल रही थी। जिस पर विधायक यादव सोमवार दोपहर 1 बजे बहरोड़ एसडीएम कार्यालय पहुंचे तो वहां पर ताला लगा मिला। जिस पर तहसीलदार को बुलाकर ताला खुलवाया गया। कार्यालय में नहीं मिलने पर एसडीएम सन्तोष मीणा द्वारा न ही मूवमेंट रजिस्टर में कोई टिप्पणी अंकित कर रखी थी और न ही कार्यालय के बाहर सूचना पट्ट पर लिख रखा था। इस पर विधायक ने संभागीय आयुक्त और जिला कलक्टर को मामले से अवगत करवाते हुए कहा कि एसडीएम बहरोड़ क्षेत्र में जहां भी हों, वहां से लाइव लोकेशन भेजें जिससे सच्चाई सामने आए। उन्होंने तुरन्त एसडीएम को कार्यालय भेजने के लिए कहा।
ढाई घंटे तक करवाते रहे सिफारिश
विधायक ने एसडीएम को कार्यालय आने के लिए सूचना करवाई तो उन्होंने कहा कि वे फील्ड में हैं। आने में समय लगेगा। इस दौरान एसडीएम विभिन्न नेताओं और विधायकों से विधायक यादव को सिफारिश करवाते रहे कि वह मामले को आगे नहीं बढ़ाएं और आगे ऐसा नहीं होगा । विधायक अड़े रहे कि एसडीएम पहले कार्यालय आएं और परेशान लोगों की समस्याएं सुनने में सहयोग करें।
मेडिकल करवाने के लिए कहा
एसडीएम से बात करते हुए विधायक ने कहा कि आने में इतनी देर लगाई, वहीं शराब की बू आ रही है। विधायक ने जिला कलक्टर को फोन कर कहा कि एसडीएम से शराब की बू आ रही है, मेडिकल करवाया जाए, जिस पर एसडीएम ने कहा जिला कलक्टर के लिखित आदेश पर ही मेडिकल कराएंगे। इसके बाद विधायक ने जिला कलक्टर को फोन कर कहा कि आप आएं और लिखित आदेश देकर एसडीएम का मेडिकल करवाया जाए। बाद में एसडीएम ने विधायक से कहा कि वह परेशान थे बाहर मौका देखने गए थे, उन्होंने शराब का सेवन नहीं कर रखा है। उन्होंने कहा कि उनके साथ ऐसा नहीं किया जाए जिस पर विधायक ने जिला कलक्टर को फोन कर बहरोड़ आने से रोका और चेतावनी देते हुए कहा कि सुधार कर लें। एसडीएम ने कहा कि वह आमजन की समस्याओं का समाधान करेेंगे और आगे से ऐसी शिकायत नहीं मिलेगी।
आरोपों का करता हूं खंडन
एसडीएम सन्तोष कुमार मीणा देर शाम को रेफरल अस्पताल में मेडिकल करवाने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को सूचित कर मेडिकल करवाया है। वह विधायक द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।