अलवर

Bhiwadi Factory Fire: हादसे में मारे गए श्रमिकों के DNA सैंपल फेल, परिजनों को चौथे दिन भी नहीं मिल पाए शव

Bhiwadi Firecracker Factory Blast: खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की अवैध पटाखा फैक्टरी मामले में मुख्य संचालक हेमंत सचदेवा को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है।

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Feb 21, 2026
मृतकों के सैंपल लेने के दौरान मौजूद फोरेंसिक डॉक्टरों की टीम। फोटो: पत्रिका

अलवर। खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए हादसे में मारे गए श्रमिकों के डीएनए सैंपल फेल हो जाने पर शुक्रवार को दोबारा सैंपल लिए गए। सैंपल फेल हो जाने से हादसे के चौथे दिन भी परिजनों की अपने परिजनों के शव नहीं मिल पाए।

प्रशासन ने सुबह तक डीएनए रिपोर्ट आने की बात थी, लेकिन दोपहर तक न तो रिपोर्ट आई और न ही पहचान की प्रक्रिया पूरी हो सकी। ऐसे में लैब से दोबारा गए। सैंपल लेने के निर्देश जारी किए आदेश मिलते ही फोरेंसिक टीम के चार डॉक्टरों की टीम मोर्चरी पहुंची और शवों के नए सिरे से डीएनए सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए।

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एक-दो दिन में आएगी नए सैंपल की रिपोर्ट

हादसा इतना भीषण था कि कई शवों की पहचान सामान्य तरीके से संभव नहीं हो सकी, जिसके चलते डीएनए जांच ही एकमात्र आधार बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि नए सैंपल की रिपोर्ट एक-दो दिन में प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

उच्च अधिकारियों के निर्देश पर दोबारा लिए सैंपल

सीएचसी टपूकड़ा के डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि पहले सैंपल लेते समय फोरेंसिक डॉक्टर टीम में शामिल नहीं थे, जिसकी वजह से प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। अब उच्च अधिकारियों के निर्देश पर दोबारा सैंपल लिए हैं। डीएनए रिपोर्ट एक-दो दिन में आने की संभावना है।

मोर्चरी में अव्यवस्था

मोर्चरी की अव्यवस्था भी सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार यहां पर्याप्त डीप फ्रीजर की सुविधा नहीं है। कई शव बिना डीप फ्रीजर और बिना बर्फ के रखे होने से बदबू फैलने लगी। डॉक्टरों की टीम को सैंपलिंग के दौरान स्प्रे का उपयोग करना पड़ा।

मुख्य आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार

इधर, खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की अवैध पटाखा फैक्टरी मामले में मुख्य संचालक हेमंत सचदेवा को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की तीन टीमें भेजी गई थीं। गिरफ्तारी के बाद उसे भिवाड़ी लाकर पूछताछ की जा रही है।खुशखेड़ा पटाखा फैक्टरी हादसे में सात श्रमिक की मौत और चार घायल हुए थे। इस मामले में अभी तक किरायानामा करने वाला हेमंत शर्मा और सुपरवाइजर अभिनंदन तिवारी को गिरफ्तार कर पीसी रिमांड पर लिया जा चुका है।

पूरे नेटवर्क को चिन्हित करने की तैयारी

हेमंत सचदेवा को पटाखा निर्माण, मार्केटिंग और कच्चा माल मंगाने का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। सचदेवा से पुलिस टीम पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार सचदेवा ने उद्योग क्षेत्र में किस तरह उत्पादन शुरू किया, इसके बारे में पूछताछ की जा रही है। जांच टीम कच्चे माल की आपूर्ति, भंडारण, सुरक्षा मानकों की अनदेखी, श्रमिकों से कराए जाने वाले काम, संभावित सहयोगियों, वित्तीय लेनेदेन की जानकारी जुटा रही है। तकनीकि साक्ष्य, कॉल विवरण और दस्तावेजों का मिलान कर पूरे नेटवर्क को चिन्हित करने की तैयारी की जा रही है।

410 कंपनियों को नोटिस जारी

कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के निर्देशन में गठित संयुक्त जांच समिति औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण कर रही हैं। 17 से 19 फरवरी तक रीको प्रथम इकाई ने 428 कंपनियों, रीको द्वितीय इकाई ने 355 कंपनियों, फैक्टरी एवं बॉयलर्स विभाग ने 75 कंपनियों, राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने 250 कंपनियों श्रम विभाग ने 50 कंपनियों और नगर परिषद ने 148 कंपनियों का निरीक्षण किया है। निरीक्षण के दौरान 410 कंपनियों में विभिन्न विभागीय मानकों एवं नियमों का पालन नहीं पाए जाने पर संबंधित विभागों ने नोटिस जारी किए गए हैं।

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