
भिवाड़ी में पकड़ी गई अवैध पटाखा फैक्ट्री। फोटो: पत्रिका
अलवर। भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड में सात मजदूरों की जिंदा जलने से मौत के बाद प्रशासन ने अवैध पटाखा निर्माण के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को खुशखेड़ा क्षेत्र में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री और एक गोदाम का खुलासा किया। दोनों स्थानों से भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक और पटाखा बनाने की सामग्री जब्त की गई है।
कार्रवाई के दौरान एक और बड़ा हादसा होते-होते टल गया। खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के भूखंड संख्या G-1, 682 पर प्रशासन की टीम जांच के लिए पहुंची थी। इसी दौरान वहां रखे अवैध पटाखों में अचानक विस्फोट शुरू हो गया। ऐसे में जांच टीम में हड़कंप मच गया। टीम के सभी सदस्य तुरंत बाहर निकल आए। गनीमत रही कि बड़ा हादसा टल गया।
भिवाड़ी एसपी मनीष कुमार ने बताया कि खुशखेड़ा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित पटाखा प्लांट और गोदाम का पता चला है। दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।
खुशखेड़ा अवैध पटाखा फैक्टरी विस्फोट में सात श्रमिकों की मौत और चार घायलों का दोषी कौन है। भयावह हादसे को मंगलवार शाम तक 35 घंटे बीत चुके हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों को आर्थिक सहायता देकर तत्परता दिखाई है लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई का इंतजार है। रीको, श्रम विभाग, कारखाना एंड बॉयलर निरीक्षण विभाग और संबंधित थाने से जिन अधिकारियों ने लापरवाही बरती, उन पर भी ठोस कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे कि इस तरह की अवैध गतिविधियों को संरक्षण नहीं मिले। भविष्य में श्रमिकों के जीवन से खिलवाड़ नहीं हो।
Published on:
18 Feb 2026 09:19 am
