
- एक पूर्व विधायक, दो पूर्व प्रत्याशी व जिला मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष कार्रवाई में शामिल
- चुनाव में टिकट न मिलने से थे नाराज, नामांकन दर्ज कराया, पार्टी की मनुहार नहीं मानी
कांग्रेस के बाद भाजपा ने भी बागियों पर चाबुक चलाना शुरू कर दिया है। अलवर दक्षिण की 5 विधानसभाओं से चुनावी मैदान में खड़े हुए 6 बागियों को पार्टी ने 6 साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया। पार्टी की इस कार्रवाई से नाराज चल रहे नेताओं में भी संदेश गया है। पार्टी का मानना है कि नाराज नेता मान जाएंगे और वह पार्टी के साथ खड़े हैं। यह भी कहा जा रहा है कि यदि किसी ने भीतरघात करने की कोशिश की तो चुनाव के बाद पार्टी उनसे भी निपटेगी। कार्रवाई करेगी। कुछ सीटों पर भीतरघात होने की संभावना कुछ लोगों ने जाहिर की है।
विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने चार सूचियां जारी कीं। जैसे ही सूची में दूसरे प्रत्याशियों के नामों की घोषणा हुई तो दावेदारों ने विरोध करना शुरू कर दिया। पार्टी ने डैमेज कंट्रोल के लिए मनाने की काफी कोशिश की लेकिन पार्टी प्रत्याशियों के विरोध में ही नामांकन करा दिया और चुनावी मैदान में उतर गए। इनमें कठूमर से पूर्व विधायक मंगलराम कोली, रामगढ़ से पूर्व प्रत्याशी सुखवंत सिंह, राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ से विजय समर्थलाल मीणा, अलवर ग्रामीण से चुनाव लड़ रहे पार्टी के किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष मुकेश सांवरिया, थानागाजी से भूपेश राजावत, इसी विधानसभा से रोहिताश घांघल को पार्टी ने 6 साल के लिए सदस्यता से निष्कासित किया है। ये सभी लोग इस बार चुनावी मैदान में हैं। किसी ने दूसरे दल से टिकट पाया है तो कुछ निर्दलीय ताल ठोके हुए हैं। वहीं निष्कासित प्रत्याशियों का दावा है कि वह इस बार चुनाव में पूरी तैयारी के साथ जुटे हैं। उनके साथ पार्टी ने टिकट न देकर अन्याय किया। वहीं दूसरी ओर अलवर उत्तर क्षेत्र के अध्यक्ष उम्मेद सिंह भाया ने बताया कि उनके क्षेत्र के बागियों पर कार्रवाई प्रदेश नेतृत्व ही करेगा।
5 विधानसभाओं से चुनाव लड़ रहे 6 कार्यकर्ताओं को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है। पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- अशोक गुप्ता, जिलाध्यक्ष अलवर दक्षिण