अलवर

Alwar: सास के बैंक अकाउंट में पहुंची बहू की 84,248 रुपए की तनख्वाह, विभाग ने कई बार लिखे पत्र, राशि अब तक नहीं आई वापस

Rajasthan News: अलवर में भुगतान से जुड़ा अनोखा मामला सामने आया है, जहां ब्लॉक हेल्थ सुपरवाइजर की चार माह की 84,248 रुपए की तनख्वाह गलती से उनकी सास के बैंक खाते में पहुंच गई। विभाग ने राशि वापस जमा कराने के लिए पत्र भेजे हैं लेकिन अब तक रकम वापस नहीं आई है।
2 min read
Aug 10, 2026
alwar salary case
AI प्रतीकात्मक तस्वीर

Alwar Health Center Unique Case: अलवर शहर के एक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा अनोखा मामला सामने आया है। यहां कार्यरत ब्लॉक हेल्थ सुपरवाइजर सुमन के चार माह के मानदेय के 84 हजार 248 रुपए उनके खाते में जाने के बजाय उनकी सास के बैंक खाते में जमा हो गए। अब विभाग यह राशि वापस लेने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है लेकिन रकम अब तक वापस नहीं आई। इसे लेकर सुमन की सास को कई पत्र भेजे जा चुके हैं। विभागीय स्तर पर लगातार पत्राचार के बावजूद भुगतान की राशि वापस नहीं आने से मामला अब गंभीर होता जा रहा है।

अलवर शहर के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एनईबी नंबर-दो के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. नरेंद्र गोयल की ओर से 22 जुलाई, 2026 को सास हसवरी देवी को पत्र भेजकर राशि वापस विभागीय खाते में जमा कराने का आग्रह किया गया है। पत्र के अनुसार जनवरी और फरवरी 2026 के मानदेय के 44 हजार 848 रुपए मार्च में, मार्च और अप्रेल के मानदेय के 39 हजार 400 रुपए मई में संबंधित बैंक खाते में जमा हुई। इस प्रकार कुल 84 हजार 248 रुपए का भुगतान हो गया।

विभाग के अनुसार उक्त राशि कर्मचारी के खाते में जमा होने के बजाय राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी के खाते से संबंधित एक बैंक खाते में चली गई जो कर्मचारी की सास के नाम बताया गया है। पत्र में विभाग ने स्पष्ट किया है कि उक्त राशि का पुनर्भरण किया जाना आवश्यक है। विभाग ने खाताधारक से राशि जल्द लौटाने की अपील की है, ताकि कर्मचारी को उसका लंबित मानदेय दिलाने की प्रक्रिया भी पूरी की जा सके।

कर्मचारी को नहीं मिला मानदेय, राशि वसूली की चुनौती

4 माह के मानदेय की राशि गलत खाते में जाने के बाद अब विभाग के सामने उसे वापस सरकारी खाते में जमा कराने की चुनौती है। विभाग की ओर से संबंधित खाताधारक से राशि लौटाने का अनुरोध किया गया है। पत्राचार के बावजूद यदि राशि वापस जमा नहीं होती है, तो विभाग को आगे की कार्रवाई करनी पड़ सकती है।

मामले ने विभागीय स्तर पर भुगतान प्रक्रिया और बैंक खाते के सत्यापन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारी का मानदेय किसी अन्य व्यक्ति के खाते में कैसे पहुंचा और भुगतान से पहले खाते का सत्यापन किस स्तर पर किया गया, यह भी जांच का विषय बन गया है।

Updated on:
10 Aug 2026 07:57 am
Published on:
10 Aug 2026 07:57 am