अलवर

बिना भूकंप के 30 सेकेंड में ही जमींदोज हो गया दो मंजिला भवन

शहर में भूकंप नहीं आया लेकिन घटना उसके जैसी ही हुई। एक दो मंजिला भवन 30 सेकेंड में देखते ही देखते जमींदोज हो गया। जिसने भी देखा देखता ही रह गया। सोशल मीडिया से लेकर कई प्लेटफॉर्म पर ये मामला दिनभर सुर्खियों में रहा। ये भवन गिरा इसलिए कि पड़ोसी अंडरग्राउंड भवन बनने के लिए गहरी खुदाई कर रहे थे। इससे नींव हिली और भवन का बैलेंस बिगड़ गया।

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Jan 19, 2024
बिना भूकंप के 30 सेकेंड में ही जमींदोज हो गया दो मंजिला भवन

- 200 फीट जाट कॉलोनी का मामला, मकान में 5 सदस्य रह रहे थे, रात को ही दरार आ गई थी पड़ोसी के भवन में, पूरा परिवार था बाहर, हो सकता था बड़ा हादसा

- पड़ोसी मनोज गुप्ता ने लगाया आरोप, प्रशासन ने अतिक्रमण करने वाले पर नहीं की कार्रवाई, 55 लाख से ज्यादा का नुकसान

शहर में भूकंप नहीं आया लेकिन घटना उसके जैसी ही हुई। एक दो मंजिला भवन 30 सेकेंड में देखते ही देखते जमींदोज हो गया। जिसने भी देखा देखता ही रह गया। सोशल मीडिया से लेकर कई प्लेटफॉर्म पर ये मामला दिनभर सुर्खियों में रहा। ये भवन गिरा इसलिए कि पड़ोसी अंडरग्राउंड भवन बनने के लिए गहरी खुदाई कर रहे थे। इससे नींव हिली और भवन का बैलेंस बिगड़ गया।

रात को भवन में आ गई थीं दरारें...पूरे परिवार ने छोड़ दिया था भवन
मामला 200 फीट रोड िस्थत जाट कॉलोनी का है। यहां के निवासी मनोज गुप्ता हैं। इनका दो मंजिला भवन था। ऊपर खुद रहते थे और नीचे दुकान बनाई थी। दुकान के जरिए पटाव आदि का बिजनेस चल रहा था। कुछ दिन से उनके पड़ाेसी घासोली निवासी मनोहर अंडरग्राउंड भवन बनाने के लिए खुदाई कर रहे थे। बताते हैं कि दो जेसीबी इस कार्य में लगाई गई थी। बुधवार को मनोज को अंदेशा हुआ कि जिस तरह खुदाई हो रही है उससे उसका मकान गिर सकता है। उसने इसका विरोध किया लेकिन पड़ोसी नहीं माने। बुधवार की रात भवन में दरारें आने लगी। मनोज ने खतरा भांपते हुए परिवार को रात को ही बाहर निकाल लिया। बताते हैं कि उन्होंने खुले आसमान के नीचे रात गुजारी। गुरुवार की सुबह साढ़े सात बजे उनके मकान के शीशे टूटने लगे। तेज आवाज हुई। लोगों को लगा कि भूकंप आ रहा है। आसपास अफरातफरी मच गई। 30 सेकेंड में ही मनोज का दो मंजिला भवन जमीन पर आ गया।

हो सकती थी बड़ी जनहानि

मूलत: रैणी के रहने वाले मनोज का कहना है कि भवन की कीमत 30 लाख से अधिक रही। 12 लाख से अधिक का सामान आदि था। करीब 55 लाख का नुकसान हो गया। उनका कहना है कि अवैध निर्माण के चलते ऐसा हुआ है। यदि भवन में दरारें नहीं आती तो वह रात को अपने ही घर में रहते और इससे जनहानि हो सकती थी। मनोज के परिवार में 5 सदस्य हैं। उन्होंने संबंधित लोगों पर कार्रवाई की मांग यूआईटी व जिला प्रशासन से की है।

इसकी जानकारी मुझे मिली थी। इस भवन का पट्टा अभी जारी नहीं हुआ है। पड़ोसी की ओर से अवैध निर्माण करने की कोई शिकायत पीडि़त की ओर से नहीं की गई। इस मामले को दिखवाएंगे।
- भारत भूषण गोयल, प्रभारी सचिव यूआईटी

Published on:
19 Jan 2024 11:38 am
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