
तिजारा/अलवर। तिजारा के मंडी व्यापारी राजेश गुप्ता उर्फ हब्ली (52) का शव गुरुवार को अलवर शहर के एक गेस्ट हाउस में फंदे से लटका मिला। आत्महत्या से एक दिन पहले राजेश ने फेसबुक पर पोस्ट साझा कर तिजारा थाने के एएसआइ महेंद्र सिंह यादव पर गंभीर आरोप लगाए। उसने फेसबुक पोस्ट में आइजी और एसपी को संबोधित करते हुए लिखा है कि तिजारा के एएसआइ महेंद्र सिंह यादव के खिलाफ कार्रवाई करें। ऐसे इंसान को नौकरी से बर्खास्त करें। इसके अगले दिन दोपहर 1 से 3 बजे के बीच उसने आत्महत्या कर ली।
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अलवर के सामान्य अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. हरीश मीणा ने बताया कि मृतक के गले पर फंदे के निशान मिले हैं। प्रथमदृष्टया फंदा लगाने से मौत होना सामने आया है। फिर भी मृतक का विसरा एफएसल जांच के लिए भेजा गया है। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद अंतिम राय दी जा सकेगी। मृतक राजेश तिजारा के मोहल्ला दीवानवाड़ी, नगर परिषद के पास का निवासी था। वह व्यापार महासंघ का मंडल अध्यक्ष भी रहा। छोटे भाई की पत्नी पार्षद रही हैं। इस प्रकरण में मृतक के भाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
तिजारा सीओ शिवराज सिंह ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे राजेश गुप्ता ने उन्हें एक मैसेज भेजा था, जिसमें उनकी फेसबुक पोस्ट संलग्न थी। इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। अनहोनी की आशंका के चलते पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास शुरू किया। इस दौरान लोकेशन नहीं मिलने पर पुलिस टीम राजेश के घर पहुंची। वहां उनका बेटा मिला, लेकिन उसे अपने पिता के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
पुलिस के अनुसार राजेश पिछले तीन दिनों से घर से बाहर था। बाद में दोबारा लोकेशन ट्रेस करने पर राजेश की लोकेशन अलवर शहर की तेज मंडी क्षेत्र के पास मिली। तिजारा पुलिस की सूचना पर अलवर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस जब गेस्ट हाउस पहुंची तो कमरे में राजेश गुप्ता का शव पंखे से लटका मिला। शव को नीचे उतारकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सीओ शिवराज सिंह के अनुसार राजेश गुप्ता करीब दो साल पहले सोनू नाम की महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। इसके बाद महिला ने राजेश के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था, जबकि राजेश ने महिला के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों की जांच पूरी होने के बाद एफआर लगाई जा चुकी है। सीओ ने बताया कि राजेश ने अपनी फेसबुक पोस्ट में तिजारा मंडी से जुड़ी किसी कच्ची पर्ची का भी जिक्र किया था, जिसमें उसने वित्तीय गड़बड़ी होने की बात कही थी।
मृतक राजेश गुप्ता ने फेसबुक पोस्ट में आरोप लगाया कि सोनू की ओर से दर्ज कराए गए एससी-एसटी एक्ट के मामले में सीओ शिवराज सिंह की जांच के बाद एफआर लगाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी गवाही और सबूत हटा दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि एएसआइ महेंद्र सिंह यादव ने उनके साथ गलत किया। राजेश ने पोस्ट में आरोप लगाया कि एएसआइ ने उनसे 18 हजार रुपए रिश्वत ली। उन्होंने लिखा कि दूसरी पक्ष से सांठगांठ कर केस की फाइल से उनकी गवाहियां हटा दी गईं। पोस्ट में उन्होंने लिखा-मरने वाला इंसान कभी झूठ नहीं बोलता।