Delhi Mumbai Expressway Accident: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हादसों और मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा। बुधवार रात एक कार में आग लगने से इसमें सवार दंपती, उनकी 6 साल की बेटी, सास और सास की बहन जिंदा जल गए।
लक्ष्मणगढ़/अलवर। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हादसों और मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा। बुधवार रात एक कार में आग लगने से इसमें सवार दंपती, उनकी 6 साल की बेटी, सास और सास की बहन जिंदा जल गए। चालक जान बचाने के लिए कार से कूदा, लेकिन वह मौत को नहीं हरा सका। उसे पहले अलवर और फिर जयपुर रेफर किया गया। जयपुर में उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
कार सवार सभी मृतक मध्यप्रदेश के निवासी थे और माता वैष्णोदेवी के दर्शन कर कटरा (जम्मू-कश्मीर) से श्योपुर के चैनपुरा गांव लौट रहे थे। एक्सप्रेस-वे पर आग के गोले में तब्दील हुई कार को देख अन्य वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की वजह से वाहनों का जाम लग गया। यह हादसा लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के मौजपुर गांव के समीप पिलर संख्या 115/300 पर बुधवार रात करीब 11.30 बजे हुआ। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कार में सीएनजी (कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस) लीक होने के बाद शॉर्ट सर्किट से आग लग गई।
मृतकों की पहचान मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव निवासी संतोष (35), उसकी पत्नी शशि (30), सास पार्वती (55), बेटी साक्षी (6) और पार्वती की बड़ी बहन छोटी बाई (70) के रूप में हुई है। कार चालक की पहचान मध्यप्रदेश के नागदा निवासी विनोद मेहरा (40) के रूप में हुई है। आग इतनी तेजी से फैली कि आग में सवार लोगों का संभलने का मौका ही नहीं मिला।
घटना की सूचना मिलते ही मौजपुर स्थित एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) के रिकूट प्रशिक्षण केंद्र में तैनात जवान
व अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार में लगी आग को बुझाने का प्रयास किया। एसएसबी के इंस्पेक्टर जितेन्द्र यादव ने बताया कि आग ने कार को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया था। एनएचएआइ की पेट्रोलिंग टीम व एम्बुलेंस, लक्ष्मणगढ़ थाना प्रभारी नेकीराम, डीएसपी कैलाश जिंदल भी मौके पर पहुंचे। राजगढ़ व अलवर से मौके पर पहुंची दमकल टीमों ने आग पर काबू पाया। देर रात एसपी सुधीर चौधरी भी घटना स्थल पर पहुंचे। एफएसएल की टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए।
जिस कार में चालक समेत 6 जने सवार थे, आग लगने के बाद उसमें 5 कंकाल ही नजर आए। जिन्हें देख पुलिस कर्मियों, दमकल कर्मियों और मौके पर मौजूद अन्य लोगों की रूह कांप गई। हड्डियां हाथ लगाते ही राख में तब्दील हो रही थीं। इनके डीएनए सैंपल लिए जाएंगे। डॉक्टरों की टीम हड्डियों व कुछ अवशेषों को अलग-अलग पॉलीथिन में भरकर पोस्टमार्टम के लिए ले गई।