अलवर

अलवर में यहां करोड़ों की जमीन, न विद्यार्थियों को कॉलेज मिला, न ही नन्दी शाला खुली, होती रही केवल बातें

https://www.patrika.com/alwar-news/
2 min read
Oct 04, 2018
Commerce college and Nandi Shala Land In Buddh Vihar Alwar
अलवर में यहां करोड़ों की जमीन, न विद्यार्थियों को कॉलेज मिला, न ही नन्दी शाला खुली, होती रही केवल बातें

अलवर. शहर के बुध विहार में बनाए जाने वाले कॉमर्स कॉलेज का भवन ही नहीं जमीन भी हवा में है। भवन के लिए एक साल पहले जमीन चिन्हित की गई थी। छह माह पहले जमीन का आवंटन भी कर दिया। लेकिन अभी तक खसरा मिलान का कार्य नहीं हो सका है। जिसके कारण जिस जगह कॉलेज का भवन बनना है वह चिह्नित नहीं हो सका। चारदीवारी का कार्य भी जमीन पैमाइश के कारण अब तक शुरू नहीं हो सका है। अभी खसरा मिलान ही अटका हुआ है। इसी जमीन के आध्ेा हिस्से में नन्दी शाला के लिए चारदीवारी तक लगा दी। लेकिन उसमें एक भी गोवंश नहीं है। जिसको लेकर आस-पास के लोगों की आपत्ति सरकार व कोर्ट तक पहुंच चुकी है।

करोड़ों की जमीन, काम कुछ नहीं आ रही

शहर के बुध विहार में नगर परिषद की करोड़ों की जमीन कॉमर्स कॉलेज व नन्दी शाला को आवंटित कर दी लेकिन मौके पर कुछ नहीं हो सका है। न कॉलेज भवन बनना शुरू हुआ है न नन्दी शाला में पशुओं का रखना। जबकि ये दोनों कार्य सरकार के स्तर पर प्राथमिकता पर रखे गए थे। उसके बावजूद भी मामला अधरझूल में है।

लोगों का विरोध

बुध विहार में पत्रकार कॉलोनी में रह रहे लोगों का कहना है कि मुख्य रोड पर कॉमर्स कॉलेज बनाया जाता तो अधिक अच्छा रहता। विद्यार्थियों को सहूलियत मिलती। जबकि अब पीछे कॉलेज को जमीन दी है आगे नन्दी शाला को। जबकि वहां पहले से आवासीय कॉलोनी में मकान बन चुके हैं। नन्दी शाला पीछे की तरफ बनाई जाए तो अच्छा रहेगा।

कई बार पैमाइश, खसरा मिलान अधूरे

नगर परिषद के अधिकारियों के बताया कि जमीन की पैमाइश तो कराई लेकिन खसरा मिलान अधूरे हैं। उधर, कॉमर्स कॉलेज प्राचार्य का कहन है कि जमीन आवंटित करने से लेकर अब तक कुछ नहीं हो रहा। पैमाइश में खसरा मिलान होने बाद ही भवन बनाने का कार्य शुरू हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि भवन बनाने के लिए करीब पांच करोड़ रुपए का बजट मंजूर हो चुका है।

हमने नक्शा मिलान करके दे दिया

हमने पीडब्ल्यूडी को नक्शा मिलान करके दे दिया। लेकिन उनका कहना है कि रास्ता नहीं है। जबकि एक तरफ से रास्ता है। जैसा वो चाह रहे हैं वैसा करने में तो आवंटन की प्रक्रिया ही दुबारा हो जाएगी। नंदी शाला का कुछ कार्य बाकी है।
रामकिशोर मीणा, आयुक्त, नगर परिषद अलवर

Published on:
04 Oct 2018 10:27 am