ऑक्सीजन की कमी के चलते परेशानी की आशंका है। हालत ये हैं कि मरीजों को घर भेजा जा रहा है।
अलवर . अलवर जिले में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके चलते मरीजों को भर्ती होने के लिए जगह मिलना मुश्किल हो गया है। इधर निजी व सरकारी चिकित्सालयों में जगह नहीं होने के कारण थोडी सी भी सेहत सुधार होने पर तुरंत घर भेजा जा रहा है। जिससे की दूसरे मरीजों को भर्ती किया जा सके। निजी अस्पतालों में आक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था नहीं होने से ज्यादातर में आक्सीजन वाले मरीजों को भर्ती ही नहीं किया जा रहा है। इसके चलते मरीज व उसके परिजन एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटक रहे हैं।
शहर के जेल का चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में शुक्रवार को इसी तरह का एक मामला सामने आया। जिसमें एक बुजूर्ग कई दिन से भर्ती था। जो कि ऑक्सीजन के सहारे ही जी रहा था। जिसे जबरन घर भेजा गया। जबकि मरीज के परिजन भी अलवर नहीं आ पा रहे थे। अस्पताल संचालक का कहना था कि हमारे पास जगह कम है। मरीज की जगह दूसरे को भर्ती किया जाना है। लेकिन मरीज घर नहीं जा रहा है।
आक्सीजन के सहारे सांसे ले रहे हैं आठ सौ से ज्यादा मरीज
चिकित्सा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अलवर के सरकारी व निजी चिकित्सालयों में रविवार को करीब एक हजार से ज्यादा मरीज भर्ती थे। इतने ही मरीज होम आइसोलेशन में रहकर इलाज ले रहे हैं। अस्पतालों में करीब 8 सौ मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। लेकिन ऑक्सीजन सैलेंडर की परेशानियों के चलते मरीज को परेशानी उठानी पड रही है। सरकारी व निजी अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजो ंके लिए करीब 140 आईसीयू के बैड उपलब्ध करवाए गए हैं जिसमें से दस बैड भी मुश्किल से बचे हैं। इधर साधारण आक्सीजन बैडस पर 645 के लगभग मरीज भर्ती है। करीब 80 बैड ही शेष बचे हैं।
दिन भर मांगते रहे आक्सीजन सिलेंडर
अलवर के निजी अस्पतालों में सोलंकी, श्रीराम हास्पिटल व अन्य हॉस्पिटल में आक्सीजन सिलेंडरों की कमी के चलते दिनभर मरीजों की जान आफत में रही। हास्पिटल चिकित्सा विभाग से दिनभर सिलेंडर मांगते रहे। कुछ ऐसे भी हास्पिटल है जिनमें कोरोना के मरीज भर्ती नहीं है बल्कि अन्य गंभीर बीमारियों के मरीज भर्ती है। लेकिन उनको भी ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। हॉस्पिटल संचालकों को यह कहकर मना किया जा रहा है कि आपका हॉस्पिटल कोविड नही है।
नॉन कोविड रिपोर्ट पर नहीं मिल रही आक्सीजन
चिकित्सा विभाग की ओर से कोविड संक्रमित को ही आक्सीजन सिलेंडर दिए जाने का इंतजाम किया गया है। जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है उनके लिए आक्सीजन सिलेंडर नहीं दिए जा रहे हैं। ऐसे में यदि इन मरीजों को आक्सीजन की जरूरत होती है तो मना कर दिया जाता है। मरीजों के परिजनों का आरोप है कि आक्सीजन लेने के लिए उन्हें पॉजिटिव रिपोर्ट लाने को कहा जा रहा है जो कि गलत है।