दिल्ली व हरियाणा के कोरोना के मरीज अलवर में भर्ती होने के लिए आ रहे हैं। पिछले तीन दिन में अलवर शहर के कई निजी अस्तपालों में करीब दो दर्जन मरीज भर्ती हुए।
अलवर. कोरोना वायरस के संक्रमण से राजस्थान सहित कई राज्यों में भयावह स्थिति हो चुकी है। पड़ोसी राज्य हरियाणा और दिल्ली में कोरोना मरीजों को अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे हैं। जिसके कारण दिल्ली और हरियाणा के मरीज अलवर में आकर यहां निजी अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं। पिछले तीन दिन में अलवर शहर के कई निजी अस्तपालों में करीब दो दर्जन मरीज भर्ती हुए।
दो महिला मरीजों की कोरोना से मौत
अलवर शहर के एक अन्य निजी अस्पताल में दो दिन पहले दिल्ली निवासी कोरोना संक्रमित महिला सरोज को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। जिसकी गुरुवार को यहां इलाज के दौरान मौत हो गई। वहां उन्हें अस्पतालों में बेड नहीं मिलने पर अलवर भर्ती कराया गया था। वहीं, निजी अस्पताल में भर्ती बहादुरगढ़ निवासी कोरोना से बुजुर्ग महिला मरीज की गुरुवार सुबह मौत हो गई।
बॉर्डर पार कर अलवर कैसे आ रहे मरीज?
कोरोना के संक्रमण के चलते सभी राज्यों की सीमाओं को सील किया हुआ है। अन्य राज्यों से आने वाले लोगों के लिए 72 घंटे पूर्व की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य है। इसके बावजूद भी अलवर जिले में कई निजी अस्पतालों में दिल्ली व हरियाणा के कोरोना संक्रमित मरीज आकर भर्ती हो रहे हैं। ऐसे में अलवर की सीमा में मरीजों को आखिर कैसे प्रवेश दिया जा रहा है। यह बड़ी जांच का विषय है।
ऑक्सीजन प्लांट लगाने लगे निजी अस्पतालकोरोना संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन की काफी कमी पड़ रही है। अस्पतालों में मरीजों को ऑक्सीजन बेड नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में अलवर में कई निजी अस्पताल संचालकों ने अपने यहां ऑक्सीजन प्लांट लगवाना शुरू कर दिया है। अलवर शहर में हाल ही एक निजी अस्पताल संचालक ने अपने यहां 25 लाख रुपए की लागत से ऑक्सीजन प्लांट लगवाया है।