अलवर

Live: किसानों ने दिल्ली-जयपुर हाइवे पर बसाई दुनिया, सेवा में पिला रहे केसर इलायची का दूध और खिला रहे मेवा

शाहजहांपुर में राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों ने मानो जैसे अपनी दुनिया बसा ली है। हाइवे पर कहीं लंगर चल रहा है तो कोई दूध-लस्सी पिला रहा है। गांव से गौंद के लड्डू बनवाकर भी बांटे जा रहे हैं।
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Updated: 27 Dec 2020, 9:22 AM IST
Delhi-Jaipur Highway Sahajahanpur Kisan Aandolan Live Report
किसानों ने दिल्ली-जयपुर हाइवे पर बसाई दुनिया, सेवा में पिला रहे केसर इलायची का दूध और खिला रहे मेवा

सुजीत कुमार

अलवर. कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर के निकट शाहजहांपुर में किसानों के जबदस्त महापड़ाव चल रहा है। दस हजार से ज्यादा लोग आसरा जमाए हुए हैं। कई किलोमीटर तक हाइवे पर लगे टैंट और तिरपालों को देखकर ऐसा लगता है जैसे मानों कि हाइवे पर किसानों का नया शहर बस गया हो। हजारों हाथ दिन-रात आंदोलनरत किसानों की सेवा में जुटे हैं।

राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर पर शाहजहांपुर में पिछले 25 दिन से किसानों का आंदोलन तथा करीब 15 दिन से महापड़ाव चल रहा है। हाइवे पर सडक़ के दोनों तरफ करीब ढाई किलोमीटर दूर से सैकड़ों टैंट और तम्बू लगे हुए हैं। जिनमें राजस्थान के विभिन्न जिलों सहित पंजाब व हरियाणा के किसानों ने डेरा डाला हुआ है। आंदोलन में शामिल किसानों की सेवा के लिए महापड़ाव स्थल पर जगह-जगह कोटा, बूंदी के सिख संगत और अलवर यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता लंगर चल रहे हैं। जहां सुबह से लेकर रात तक किसानों की नाश्ता व भोजन सेवा की जा रही है। उनकी ओर से रोटी बनाने और आटा गूंदने वाली मशीनें भी लगाई हुई हैं।

केसर इलायची का दूध और गौंद के लड्डू

किसान महापड़ाव स्थल पर कोई संगठन किसानों को छाछ-लस्सी, ज्यूस और ईलायची व केसर का दूध पिला रहा है तो कोई सर्दी में गर्मागर्म चाय और पकौड़ी खिला रहा है। पंजाब से आए कुछ लोगों की ओर से वहां काजू-बादाम के गौंद के लड्डू भी बांटे जा रहे हैं।

पीली पगड़ी और रैली बढ़ा रही जोश

महापड़ाव स्थल पर काफी सिख किसान शहीद भगतसिंह जैसी पीली पहनकर घूम रहे हैं तथा युवाओं की जोशीले नारे लगाते हुए रैली निकाल रही हैं, जो कि किसानों का उत्सावर्धन कर रहे हैं। वहीं, कई जगह बुजुर्ग किसान देसी वाद्ययंत्रों से मनोरंजन करने में लगे हैं। हाइवे की दूसरी तरफ भी लगने लगे तम्बूहाइवे पर किसानों आंदोलन लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। फिलहाल हाइवे की एक सडक़ पर दोनों तरफ किसानों से टैंट और तम्बू लगाए हुए हैं, लेकिन किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हाइवे की दूसरी सडक़ पर भी दोनों तरफ टैंट और तम्बू लगना शुरू हो गए हैं।

सर्दी में दवा और गर्म पानी भी

सर्दी में हाइवे पर पड़ाव डालकर बैठे काफी किसानों को खांसी-जुकाम व सर्दी की शिकायत हो रही है। ऐसे में उनके इलाज के लिए जगह-जगह दवा काउंटर खोले हुए हैं, जहां नि:शुल्क दवा दी जा रही है। वहीं, किसानों को सर्दी में नहाने-धोने के लिए गर्म पानी की मशीनें भी लगाई हुई हैं।

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27 Dec 2020, 9:22 AM IST
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