
Meat Truck Seized: राजस्थान के अलवर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पुलिस ने गोरक्षकों की सूचना पर मांस से भरा एक बड़ा कंटेनर (ट्रक) जब्त किया है। यह ट्रक मुंबई से दिल्ली जा रहा था। गोरक्षकों को ट्रक में गोमांस होने का शक है, जिसके बाद पशु चिकित्सा टीम ने सैंपल लेकर एफएसएल (FSL) जांच के लिए भेज दिए हैं।
मामला अलवर जिले के रैणी थाना इलाके का है। पुलिस को गोरक्षकों से इनपुट मिला था कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के रास्ते भारी मात्रा में संदिग्ध मांस ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही रैणी थाना पुलिस तुरंत एक्शन में आई और एक्सप्रेसवे के चैनेज नंबर 131.8 पर नाकाबंदी कर दी। कुछ ही देर में वहां बताए गए नंबर का एक संदिग्ध ट्रक आता दिखाई दिया, जिसे पुलिस ने घेराबंदी करके अपने कब्जे में ले लिया।
सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने बिना वक्त गंवाए ट्रक को तुरंत जब्त किया और उसे सुरक्षा घेरे में रैणी थाने लाकर खड़ा करवा दिया। इस कार्रवाई के बाद एक्सप्रेसवे और थाने के आसपास काफी संख्या में लोग और गोरक्षक भी जमा हो गए।
पुलिस की शुरुआती पूछताछ और गाड़ी के कागजात खंगालने पर पता चला कि यह ट्रक महाराष्ट्र के मुंबई से रवाना हुआ था और देश की राजधानी दिल्ली की तरफ जा रहा था। जब पुलिस ने ट्रक की बिल्टी (परिवहन से जुड़े दस्तावेज) चेक की, तो उसमें भैंस का मांस (बफेलो मीट) होना लिखा पाया गया।
कागजात में सब सही होने के बावजूद मौके पर मौजूद गोरक्षक इस बात को मानने को तैयार नहीं थे। उन्हें शक था कि ट्रक के भीतर भैंस के मांस की आड़ में गोमांस की तस्करी की जा रही है। गोरक्षकों के बढ़ते विरोध और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत इसकी सूचना पशु चिकित्सा विभाग को दी, ताकि मांस की असलियत का पता लगाया जा सके।
सूचना मिलने के बाद पिनान पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीनू गुप्ता की अगुवाई में डॉक्टरों की एक विशेष टीम रैणी थाने पहुंची। टीम ने सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए कंटेनर को खुलवाया और उसमें भरे मांस के कई नमूने (सैंपल) लिए। इन नमूनों को सील कर अब लैब टेस्ट के लिए एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) भेज दिया गया है।
रैणी थाने के सहायक उप निरीक्षक मनोज कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि एहतियात के तौर पर ट्रक को थाने में ही खड़ा रखा गया है। पशु चिकित्सकों की टीम ने मांस के सैंपल ले लिए हैं और उन्हें जांच के लिए भिजवा दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएगा कि यह मांस असल में किसका है। रिपोर्ट में जो भी सच सामने आएगा, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।