सर्दियों में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए तिल की गजक और लड्डू की बिक्री शुरू हो गई है। इस साल इन्हें इम्युनिटी बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
अलवर. सर्दी की शुरुआत के साथ ही शहर के बाजारों में सर्दी की मिठाई तिल की महक आने लगी है। सर्दियों में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए लोग तिल से बने खाद्य पदार्थ बनाना और खाना शुरू कर देते हैं। इसके चलते बाजार में तिल और तिल से बनी वस्तुओं की मांग भी होने लगी है।
अलवर शहर के मालाखेड़ा बाजार, काशीराम का चौराहा, स्वर्ग रोड के अलावा पंसारी बाजार, केडल गंज में तिल से बने आइटम की दुकान सजी गई हैं।इसके साथ ही अलवर शहर में मुरैना और मध्य प्रदेश की गजक भी जगह-जगह पर बेची जा रही है।
सर्दी बढऩे के साथ ही शुरू हो जाती है तिल की मांग
काशीराम चौराहा पर गजक बेचने वाले महेंद्र कुमार ने बताया कि नवंबर माह शुरू होने के साथ ही
तिल से बने गजक, रेवड़ी, तिल के लड्डू, तिल की बर्फी आदि बनाने का काम शुरू हो जाता है। सर्दी बढऩे के साथ साथ ही तेल की मांग भी बढ़ती जाती है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में तिल से बने आइटम डेढ़ सौ से ढाई सौ रुपए किलो बिकते हैं, मांग बढऩे के साथ भी दाम में भी अंतर आ जाता है।
दुकान पर सजी है 25 से ज्यादा वैरायटी
होप सर्कस पर तिल की दुकान लगाने वाले मनोज कुमार ने बताया कि तिल से बने लड्डू की मांग सर्दियों में ज्यादा रहती है, ऑर्डर पर भी लड्डू बनाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस समय करीब 25 से ज्यादा वैरायटी तिल से बनी वस्तुओं की दुकान पर रखी गई है ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार खरीद रहे हैं।
आयुर्वेद में बताया है तिल का महत्व
आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी पवन सिंह शेखावत ने बताया कि सर्दी में इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए तिल का प्रयोग किया जाना चाहिए। तिल गर्म तासीर का होता है। इसको खाने से शरीर में गर्माहट रहती है। तिल खाने से कफ पित्त आदि रोग कम हो जाते हैं। कब्ज भी खत्म हो जाती है। तनाव भी कम हो जाता है। तेल में विटामिन आदि भरपूर मात्रा में होते हैं जो शरीर के लिए लाभकारी होते हैं आयुर्वेद में सर्दी के दिनों में तिल खाने का विशेष महत्व बताया गया है। उन्होंने बताया कि तिल के तेल की मालिश करने से शरीर में मजबूती आती है।