राजगढ़ क्षेत्र के समीपवर्ती माचाड़ी कस्बे में स्वीकृत कृषि महाविद्यालय को यथावत माचाड़ी में ही रखने की मांग को लेकर शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन हुआ।
राजगढ़ क्षेत्र के समीपवर्ती माचाड़ी कस्बे में स्वीकृत कृषि महाविद्यालय को यथावत माचाड़ी में ही रखने की मांग को लेकर शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन हुआ। माचाड़ी संघर्ष समिति के बैनर तले कस्बे का बाजार पूर्णतया शांतिपूर्ण रूप से बंद रखा गया। इसके बाद ग्रामीणों ने जुलूस निकालकर अपनी नाराजगी जाहिर की और रैणी चौराहे पर धरना प्रदर्शन किया।
संघर्ष समिति से जुड़े विश्वेन्द्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में माचाड़ी के लिए कृषि महाविद्यालय स्वीकृत किया गया था, लेकिन राजनीतिक कारणों से इसे माचाड़ी से हटाकर रैणी क्षेत्र के हातोज गांव में स्थानांतरित कर दिया गया। इस निर्णय से माचाड़ी सहित आसपास के गांवों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि महाविद्यालय माचाड़ी क्षेत्र की लंबे समय से मांग रहा है और इसे स्थानांतरित करना क्षेत्र के विकास के साथ अन्याय है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी इस संबंध में मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। शुक्रवार को मुख्य बाजार से रैली निकालते हुए ग्रामीण रैणी चौराहे पहुंचे, जहां धरना दिया गया।
धरना स्थल पर भाजपा नेता बन्नाराम मीना पहुंचे और सात दिन में मांग पूरी कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि तय समय में मांग पूरी नहीं हुई तो वे स्वयं धरने में शामिल होंगे। इस आश्वासन के बाद धरना फिलहाल स्थगित कर दिया गया। आंदोलन में सैकड़ों ग्रामीणों की भागीदारी रही।