अलवर

सावधान! कोरोना के बाद अब डेंगू का खतरा बढ़ने लगा, वार्ड फुल, अलवर में 17 साल की किशोरी की मौत

डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अलवर सामान्य अस्पताल के वार्ड फुल हो गए हैं। वहीं 17 साल की किशोरी की मौत हो गई।

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Aug 24, 2021
Dengue Danger: 17 Year Old Girl Dies Due To Dengue In Alwar
सावधान! कोरोना के बाद अब डेंगू का खतरा बढ़ने लगा, वार्ड फुल, अलवर में 17 साल की किशोरी की मौत

अलवर. बारिश के मौसम में मच्छरों से पनपने वाली बीमारियों का खतरा बढऩे लगा है। पिछले दिनोंं अलवर के सामान्य चिकित्सालय में प्रतिदिन करीब चार से पांच मरीज डेंगू के भर्ती हो रहे हैं। इससे ज्यादा संख्या में मरीज निजी चिकित्सालय में इलाज ले रहे हैं। निजी चिकित्सालयों में ज्यादातर बेड पर डेंगू के मरीज ही मिल रहे हैं। अलवर में जिले भर से लोग डेंगू के इलाज के लिए आ रहे हैं। अलवर शहर निवासी एक 17 वर्षीय किशोरी की डेंगू के चलते मौत हो गई। पंचवटी कॉलोनी निवासी अनवी जैन की बुखार होने पर तबियत बिगड़ी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। स्थिति में सुधार नहीं आने पर दिल्ली रैफर किया गया। जहां बीच रास्ते में उसकी मौत हो गई। जिले में इस साल डेंगू के यह पहली मौत है। डेंगू के कारण अस्पताल के वार्ड फुल हो गए हैं। चिकित्सक ने बताया कि डेंगू के कारण अनवी के लिवर, हार्ट सहित अन्य अंग प्रभावित हो गए थे।

अस्पताल में बढ़ी खून की मांग

सामान्य चिकित्सालय के ब्लड बैंक में इन दिनों डेंगू की वजह से ब्लड की मांग बढ़ गई है। यहां प्रतिदिन करीब 40 से 50 यूनिट की मांग डेंगू पीडि़तों के लिए होने लगी है। अस्पताल में इंतजाम नहीं होने पर मरीज के परिजन निजी ब्लड बैंकों पर खून लेने पहुंच रहे हैं। अस्पताल के ज्यादातर बेड पर प्लेटलेट्स कम होने के कारण डेंगू के मरीज भर्ती है जिनको ब्लड चढ़ाया जा रहा है। हालांकि डेंगू की स्थिति अभी भयावह नहीं है लेकिन समय रहते यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह बीमारी जानलेवा बन जाती है। वहीं इन दिनों वायरल होने से लोग बीमार हो रहे हैं, वायरल होने पर भी मरीज की प्लेटलेट्स कम हो जाती है। सामान्य चिकित्सालय में डेंगू की जांच के लिए एंटीजन टेस्ट व एंटी बॉडी टेस्ट करवाया जाता है, जो कि पूरी तरह से निशुल्क है। इसकी रिपोर्ट एक ही दिन में मिल जाती है।

ये हैं डेंगू के लक्षण

डेंगू के भी वायरल बुखार जैसे ही लक्षण होते हैं। जिसमें साधारण खांसी, जुकाम, बदन दर्द, भूख नहीं लगना, शरीर पर लाल चकत्ते बनना, पेट भारी होना प्रमुख होता है। यदि ऐसे लक्षण आते हैं तो बिना किसी देरी के डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। डेंगू रोग का समय 5 से 7 दिन का रहता है। ऐसे में बुखार को कम करने के लिए अपने स्तर पर दवा नहीं लेनी चाहिए, देरी होने पर प्लेटलेट्स कम होने लगती है और शरीर में कमजोरी होने से मरीज और बीमार होता है। यदि शुरूआत में ही जांच के बाद डेंगू रोग का पता चल जाता है तो खून चढ़ाकर प्लेटलेट्स को बढ़ाया जा सकता है। इससे मरीज की जान को खतरा नहीं रहता है।

अस्पताल में डेंगू पीडि़त हो रहे भर्ती

इन दिनों अस्पताल में डेंगू के मरीज भर्ती हो रहे हैं लेकिन अभी स्थिति सामान्य ही है। इसलिए समय रहते ही मरीज को इलाज ले लेना चाहिए। जिससे की ज्यादा परेशानी न हो। अस्पताल में डेंगू की जांच निशुल्क हो रही है।
डॉ. सुनील चौहान, पीएमओ, सामान्य चिकित्सालय, अलवर।

Published on:
24 Aug 2021 01:42 pm